यहां पूर्वांचल के अलावा पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों के लिए 12 सीटें आरक्षित होंगी। बीते कुछ समय में पूर्वांचल के बनारस, चंदौली, गाजीपुर, बलिया जिलों से अच्छे कुश्ती खिलाड़ी निकले हैं। आगामी प्रतियोगिताओं के लिए कुश्ती खिलाड़ी तैयार करने के लिए 2009-10 के बाद दोबारा प्रयास शुरू किया गया है। इस कुश्ती स्टेडियम के निर्माण के लिए गंगा का किनारा सर्वाधिक उपयुक्त मिला।
अखाड़ों में अंक आधारित दंगल को बढ़ावा
कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी मदद और संसाधन मुहैया कराई जाएगी। देर तक चलने वाले दंगल में खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं। इससे बचाव के लिए भारतीय कुश्ती संघ दंगल को अंक के आधार पर कराने वाले अखाड़ों की मदद करेगा। उन्हें मैच कराने के लिए रेफरी और तकनीकी टीम के अलवा मैट भी उपलब्ध कराई जाएगी।