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पूर्णिमा महोत्सव: 10 हजार साधकों ने यज्ञकुंड में दी आहुति, पंचमहाभूत शुद्धि यज्ञ; साधकों को दी मंत्र दीक्षा

Tue, 09 Sep 2025 05:46 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी के दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में यह विहंगम आयोजन चल रहा है। 300 से ज्यादा कुंडों में साधकों ने आहुतियां दीं। मंत्रोंच्चारण से पूरा परिसर गुंजायमान हो रहा था।
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काशी में 10 हजार साधकों ने यज्ञकुंड में दी आहुति। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi News: पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन 10 हजार साधकों ने मंत्र दीक्षा लेकर तंत्र क्रिया योग में प्रवेश किया। 300 से अधिक हवन कुंडों पर एक साथ साधकों ने आहुतियां अर्पित करके पंचमहाभूत शुद्धि यज्ञ संपन्न कराया। मिश्री मठ हरिद्वार के तृतीय मठाधिपति पूर्ण गुरु करौली शंकर महादेव के सानिध्य में 60 हजार साधकों ने काशी में एक लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया।

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सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में चल रहे त्रिदिवसीय पूर्णिमा महोत्सव के द्वितीय दिवस पर पूर्ण गुरु करौली शंकर महादेव के सानिध्य में सामूहिक यज्ञ अनुष्ठान संपन्न हुआ। साधकों ने पंचमहाभूत शुद्धि एवं सिद्धि के लिए हवन में आहुति दी। इस अवसर पर साधकों का चयन कर उन्हें मंत्र दीक्षा एवं तंत्र क्रिया योग के विभिन्न चरणों में प्रवेश भी दिलाया गया। पूर्ण गुरु ने भक्तों का स्वागत करते हुए कहा कि काशी की पावन भूमि पर हवन में आहुति देना परम सौभाग्य का विषय है।

उन्होंने बताया कि जो भक्त काशी विश्वनाथ धाम से जल लेकर करौली शंकर महादेव धाम तक पदयात्रा करते हैं या वृंदावन से यमुना जल लेकर आते हैं, उन्हें महाहवन का पुण्य प्राप्त होता है। इसी पुण्य से नकारात्मक स्मृतियां नष्ट होती हैं और व्यक्ति विश्वास के बल पर स्वस्थ हो पाता है। इस अवसर पर उन्होंने नेचर विथ बैलेंस कार्यक्रम के अंतर्गत काशी मंडल में एक वर्ष में एक लाख पौधे लगाने का संकल्प दिलाया।

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नारी सशक्तीकरण पर जोर

काशी मंडल के सदस्यों ने उन्हें कल्पवृक्ष भेंटकर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने नारी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि हर नारी अपने स्वाभिमान की रक्षा करे और किसी भी अपमान का सामना निर्भीक होकर सांविधानिक तरीके से करे। 

उन्होंने कहा कि नारी अन्नपूर्णा का स्वरूप है तो दुर्गा और काली का भी प्रतीक है। भक्तों को संबोधित करते हुए पूर्ण गुरु ने ऊं नमः शिवाय मंत्र को महामंत्र बताया और सभी को मां कामाख्या व बाबाजी पंडित राधा रमण मिश्र का ध्यान कराया। 

उन्होंने कहा कि दरबार के माध्यम से ही साधकों को दिव्य शक्तियों का साक्षात्कार होता है। त्रिदिवसीय महोत्सव में देश-विदेश से 60 हजार से अधिक साधक शामिल हुए। इस अवसर पर शंकर सेना प्रदेश अध्यक्ष सुबोध चोपड़ा, काशी मंडल अध्यक्ष विवेक खन्ना सहित अनेक सदस्य एवं भक्तगण मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नौ सितंबर को होगा।
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