काशी मंडल के सदस्यों ने उन्हें कल्पवृक्ष भेंटकर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने नारी सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि हर नारी अपने स्वाभिमान की रक्षा करे और किसी भी अपमान का सामना निर्भीक होकर सांविधानिक तरीके से करे।
उन्होंने कहा कि नारी अन्नपूर्णा का स्वरूप है तो दुर्गा और काली का भी प्रतीक है। भक्तों को संबोधित करते हुए पूर्ण गुरु ने ऊं नमः शिवाय मंत्र को महामंत्र बताया और सभी को मां कामाख्या व बाबाजी पंडित राधा रमण मिश्र का ध्यान कराया।
उन्होंने कहा कि दरबार के माध्यम से ही साधकों को दिव्य शक्तियों का साक्षात्कार होता है। त्रिदिवसीय महोत्सव में देश-विदेश से 60 हजार से अधिक साधक शामिल हुए। इस अवसर पर शंकर सेना प्रदेश अध्यक्ष सुबोध चोपड़ा, काशी मंडल अध्यक्ष विवेक खन्ना सहित अनेक सदस्य एवं भक्तगण मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नौ सितंबर को होगा।