वाराणसी। चालान जारी न होने से जिले के कई धान खरीद केंद्रों पर खरीद ठप है। किसान धान बेचने के लिए चक्कर काट रहे हैं। करखियांव स्थित एक मिल के सहारे धान की कुटाई होने से जिले के 40 क्रय केंद्रों में से कई केंद्रों पर धान का उठान न होने से खरीद बंद है। केंद्र के प्रभारी ट्रकों पर धान मिल संचालक को भेज तो रहे हैं लेकिन ऑनलाइन चालान जारी न होने से मिल वाले नहीं ले रहे हैं।
बाबतपुर क्रय केंद्र के सचिव प्रशांत ने बताया कि ऑनलाइन चालान जारी न होने से बीते एक सप्ताह से धान का उठान नहीं हो पा रहा है। पिछले साल 270 किसानों से 11 हजार 200 क्विंटल धान की खरीद के बाद से 600 क्विंटल क्षमता के गोदाम में 2000 क्विंटल धान भरा पड़ा है। खाद रखने की जगह और कार्यालय में धान भरा पड़ा। 70 किसानों के धान खरीद बाकि है इनके अलावा रोज चार से पांच किसान पूछताछ के लिए आते है।
बड़ागांव के अनेई क्रय केंद्र के सचिव दिनेश ने बताया कि 106 किसानों से धान की खरीद हुई है140 किसानों से खरीदना बाकी है जो रोज क्रय केंद्र के चक्कर लगा रहे है। लेकिन गोदाम भर जाने से और मील पर ऑनलाइन चलान जारी न होने से पहले से खरीद के धान का उठान नहीं हो पा रहा है। जिससे बीते साल 17 दिसंबर से ही खरीद नहीं हो पा रही है।
वहीं, रौनाकला क्रय केंद्र के सचिव का कहना है कि 100 किसानों से 3500 क्विंटल धान खरीद चुका हूं राइस मिल पर डीलेवरी के लिए ऑनलाइन चालान की समस्या के बाद से विभाग ने ऑफलाइन डीलेवरी और धान की खरीद पर रोक लगा दिया है। जिससे पीसीएफ के सभी केंद्रों पर यही हाल है।
वर्जन
जिले में एक ही राइस मिल है, जहां जिले भर के क्रय केंद्रों से धान कुटाई के लिए पहुंच रहा है। मिल की क्षमता से अधिक धान पहुंचने से ऑनलाइन चालान जारी नहीं हो पा रहा है। इससे क्रय केंद्रों से धान का उठान नहीं हो पा रहा है और खरीद में समस्या आ रही है। अन्य जिलों के मिलों से बात चल रही है, अगर अनुमति मिलती है तो दो से तीन दिन में स्थित ठीक हो जाएगी। - अजित सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक प्रबंधक सहकारिता विभाग
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विपणन विभाग के क्रय क्रय केंद्रों पर खरीद हो रही है पिछले साल बीते दो माह में पांच हजार किसानों से 25 हजार 600 टन धान की खरीद हुई है जो लक्ष्य का 60 प्रतिशत है। धान बिक्री के लिए जिले के 9500 किसान पंजीकृत हैं जिनसे 28 फरवरी तक धान की खरीद की जाएगी। - अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला विपणन अधिकारी
अन्य जिलों का हाल
- कहीं धरना तो कहीं नहीं मिल पा रहा ऑनलाइन टोकन
सोनभद्र संयुक्त किसान मोर्चा ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया। धान खरीद सुनिश्चित नहीं होने तक धरना जारी रखने का किसानों ने एलान किया। वहीं कलेक्ट्रेट जाने की तैयारी कर रहे पूर्वांचल नव निर्माण मंच के नेता श्रीकांत त्रिपाठी को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। चंदौली में धान खरीद में किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों के हड़ताल की वजह से दो दिन से धान की खरीद ठप रही। खरीद शुरू हुई है तो किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा है। वेबसाइट खुलने के मात्र दो मिनट बाद ही टोकन खत्म हो जा रहा। आजमगढ़ में कई जगहों पर धान खरीद को लेकर किसान परेशान हैं। जिसके विरोध में मार्टीननगंज तहसील क्षेत्र के लसड़ाखुर्द, रानीपुर रजमो, हरैया धान खरीद न होने से किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया।
इन जिलों के किसानों को मिली राहत
ज्ञानपुर (भदोही) यूपी फूड एंड सिविल सप्लाई इंस्पेटर्स/आफिसर्स एसोसिएशन की हड़ताल समाप्त होते ही क्रय केंद्रों पर धान की खरीदारी शुरू हो गई। वहीं, मार्केटिंग के संचालित 31 क्रय केंद्रों की हड़ताल समाप्त हो जाने के बाद धान की खरीद शुरू हो गई। जहां लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 14461 किसानों से 107694 टन धान खरीद हुई। बलिया में तीन दिन की हड़ताल के बाद विपणन विभाग के 20 केंद्रों पर धान की खरीद शुरू की गई। मिर्जापुर में धान खरीद के लिए नए टोकन का आनलाइन वितरण किया जा रहा है। इससे अब तीन दिनों तक धान बेचा जा सकेगा। जिले में अब तक 16 हजार दो सौ तीन किसानों से 80 हजार चार सौ 50 टन धान की खरीद हुई। मऊ में धान की खरीद सामन्य है जहां 3201 किसानों से 16356.45 टन धान की खरीद की गई।