महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता संस्थान में चल रहे दस दिवसीय शोध पद्धति पाठयक्रम में वक्ताओं ने शोध से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की। मुख्य अतिथि आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि शोध का मूल उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए। इस बारे में शिक्षक के साथ शोधार्थियों को जिम्मेदारी समझने की जरूरत है।
विवि में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है। इससे शोध को एक नई दिशा प्राप्त होती है। विशिष्ट अतिथि श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने कहा कि वर्तमान में गुणवत्तापरक शोध का अभाव है, निश्चित रूप से इस तरह की कार्यशाला उस अभाव को पूरा करेगा। गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. दुर्गेश त्रिपाठी ने विचार रखे। अध्यक्षता करते हुए विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि शोध कार्य के दौरान शॉर्टकट से काम नहीं चलने वाला है। शोधार्थी को अपना काम पूरे ईमानदारी और निष्ठा से करना चाहिए। अतिथियों का स्वागत पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेंद्र कुमार,संचालन डॉ. वैष्णवी शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में सहायक कुलानुशासक डॉ. अमरीश राय, डॉ. प्रभा शंकर मिश्र, डॉ. मनोहर लाल मौजूद रहे।