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अल्पसंख्यक की परिभाषा पर हो सार्वजनिक बहस

Sun, 20 Dec 2015 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो वाराणसी।
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अल्पसंख्यक की परिभाषा क्या है, इसकी समीक्षा होनी चाहिए। इस पर बड़े पैमाने पर सार्वजनिक बहस होनी चाहिए। किसी जिले में दो प्रतिशत लोग हैं तो कहीं पर 70 प्रतिशत।
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फिर भी उनको अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त है। शनिवार को वाराणसी आए केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने ये बातें कहीं। उन्होंने कांग्रेस पर तीखे हमले किए और उस पर 18 महीने से संसद नहीं चलने देने के आरोप लगाए। कहा कि जब से मोदी सरकार आई है तब से विपक्ष के पास कोई मुद्दा नही बचा है। हर बात पर विरोध की राजनीति अपनाने वाली कांग्रेस को इसका जवाब जनता को देना होगा।

 एमएसएमई के चांदपुर स्थित सैमसंग इंस्टीट्यूट में समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री (सूक्ष्म, लघु, मध्यम उपक्रम) ने कहा कि जीएसटी बिल कांग्रेस ही लेकर आई थी लेकिन अब उसे पारित नहीं होने देना चाहती। सकारात्मक बहस न करके कांग्रेसी नकारात्मक बहस पर तुले हुए हैं।
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पूरी दुनिया में देश की छवि खराब की जा रही है। कहा कि देश की जनता ने जिस पार्टी को बहुमत दिया है, उसे कार्य नहीं करने देना अनुचित है, यह लोकतंत्र का अपमान है।

आतंक से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि एक आतंकवादी के लिए कोर्ट रात में खुलती है और दूसरी ओर उसकी शवयात्रा में 50 हजार लोग शामिल होते हैं। यह हमारे देश का दुर्भाग्य है। पाकिस्तान में हाफिज सईद को संरक्षण के मुद्दे पर कहा कि पाकि स्तान आतंकवाद की नर्सरी बन गया है, यह पूरी दुनिया जान चुकी है। युवाओं को रोजगार के सवाल पर कहा कि कौशल विकास के जरिये रोजगार मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशिक्षित युवाओं को काम के लिए भटकना नहीं होगा।

ये अच्छे दिन कांग्रेस को दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे पहले बाबतपुर हवाई अड्डे पर कहा कि नेशनल हेराल्ड केस में कानून अपना काम कर रहा है। इससे केंद्र सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर संसद में भी बहस हो चुकी है, इसलिए इस प्रकरण पर और कुछ कहना ठीक नहीं है।
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