राज्य शिशिक्षुता परिषद के अध्यक्ष नित्यानंद शर्मा ने कहा कि आईटीआई कर रहे छात्र-छात्राओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए हुनरमंद बनाया जाएगा। नए साल में प्रदेश के ऐसे एक लाख विद्यार्थियों को रोजगार के लिए अप्रेंटिस कराया जाएगा। ताकि पढ़ाई के बाद उन्हें रोजगार के लिए भटकना न पड़े।
वे शुक्रवार को सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ में आईटीआई संस्थानों का निरीक्षण करने के बाद चौकाघाट आईटीआई का निरीक्षण कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस साल अब तक 30 हजार विद्यार्थियों को कौशल विकास केलिए अप्रेंटिस कराया गया है। इसमें निजी और सरकारी संस्थाओं को लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों को अप्रेंटिस के लिए धन की व्यवस्था है लेकिन उसे देने केलिए प्रक्रिया जटिल होने के कारण अधिक से अधिक छात्रों को अप्रेंटिस देने में दिक्कत आ रही है।
उसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। साथ ही बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए 2500 अनुदेशकों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही इन्हें संस्थानों में तैनात कर दिया जाएगा।
वहीं 570 अनुदेशकों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि चौकाघाट आईटीआई, महिला आईटीआई और करौंदी आईटीआई में पुराने और अनुपयोगी हो चुके उपकरणों को बदला जा रहा है।
प्रदेश सरकार के अलावा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत विश्व बैंक की ओर से तीनों संस्थानों को ढाई-ढाई करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। चौकाघाट में नए उपकरण लगाए जा रहे हैं।
साथ ही नए भवन का भी निर्माण कराया जा रहा है। उन्होेंने चौकाघाट में विभिन्न ट्रेडों का निरीक्षण किया। साथ ही उन्होेंने छात्रों से पढ़ाई और प्रशिक्षण के दौरान आने वाली दिक्कतों के बारे में पूछा।
अध्यक्ष ने आईटीआई के निदेशक आरपी यादव, प्रधानाचार्य एसएन यादव को बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षण और प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया।