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मंडुवाडीह स्टेशन पर जीआरपी ने रेलकर्मी को पीटा, कर्मचारियों ने ट्रैक जामकर दिया धरना

Thu, 08 Feb 2018 09:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
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मंडुवाडीह क्रासिंग बंद कर धरने पर बैठे रेल कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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शिवगंगा एक्सप्रेस के कैरेज एंड वैगन स्टॉफ (कैरेज खलासी) की जीआरपी कर्मियों द्वारा पिटाई से क्षुब्ध रेल कर्मी गुरुवार को टूल डाउन हड़ताल पर चले गए। पहले जीआरपी चौकी का घेराव किया, सुनवाई न होने पर एक घंटे तक मंडुवाडीह क्रासिंग (तीन ए) को जाम कर दिया।
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समझाने बुझाने पर रेल ट्रैक से हट गए और फिर से जीआरपी चौकी का घेराव किया। कर्मचारी के साथ हाथापाई करने वाले दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।

साथ ही, घटना की जांच का आश्वासन और अस्पताल में भर्ती घायल से सीओ जीआरपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मुलाकात के बाद मामला शांत हुआ। इसके चलते जहां दो ट्रेनें प्रभावित रहीं वहीं, एक घंटे तक क्रॉसिंग बंद रही जिससे आम जनता को समस्या का सामना करना पड़ा।
बुधवार की शाम मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर नई दिल्ली जाने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस लगाई गई।

रेल कर्मचारियों का आरोप है कि जीआरपी के सिपाही कैरेज स्टॉफ गोपाल यादव से जनरल डिब्बे का गेट खोलने के लिए दबाव बनाने लगे। जब उसने समय न होने का हवाला दिया तो मामला बिगड़ गया। कर्मचारियों का आरोप है कि सिपाहियों ने उक्त कर्मचारी को लात घूंसों और डंडो से जमकर पीटा। बीच-बचाव करने वाले कर्मचारियों को भी गालियां दीं। बेहोशी की हालत में कर्मचारी को रेलवे के लहरतारा स्थित मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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शाम को भी वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बचाव और आश्वासन के बाद कर्मचारी माने और ट्रेन का संचालन समय से हुआ। गुरुवार की सुबह आठ बजे विभिन्न संगठनों के नेताओं के साथ ही रेल कर्मचारियों ने जीआरपी चौकी का घेराव शुरू कर दिया और कार्रवाई की मांग करने लगे।

सुनवाई न होने पर लगभग 10:15 बजे रेलकर्मचारी मंडुवाडीह थ्रीए क्रासिंग पर पहुंच गए और ट्रैक पर बैठ गए। इसमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी रहीं। जीआरपी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस पहुंच गई।
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मंडुवाडीह क्रासिंग बंद कर धरने पर बैठे रेल कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
कर्मचारी मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने के साथ सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होनेे और क्रासिंग पर आवागमन बंद होने की वजह से कर्मचारियों को समझा बुझाकर वहां से हटाया गया।

लगभग 11:15 बजे कर्मचारी फिर से जीआरपी चौकी का घेराव करने पहुंच गए। मौके पर पहुंचे जीआरपी सीओ विमल कुमार श्रीवास्तव ने शिकायत सुनने और लिखित तहरीर लेने के बाद दो सिपाहियों प्रकाश और अनिल को लाइन हाजिर कर दिया।

साथ ही, जांच के बाद कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इतना ही नहीं, जीआरपी और आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी घायल कर्मचारी को देखने पहुंचे। दोपहर लगभग एक बजे प्रदर्शन शांत हुआ।

ट्रैक जाम होने की वजह से एक घंटे तक क्रासिंग बंद रही। कोलकाता से आने वाली विभूती एक्सप्रेस 15 मिनट वहीं, वाशिंग लाइन जा रहा शिवगंगा एक्सप्रेस का रैक आधे घंटे से ज्यादा समय तक खड़ा रहा। आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए रेलकर्मचारी संगठनों ने इस प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। 
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