पदयात्रा में युवाओं और बुजुर्ग किसानों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। इस दौरान भूमि बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और गांव-गांव जनजागरण अभियान, महापंचायत और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश्वर सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की रोजी-रोटी छीन कर विकास की बात कर रही है। हम विकास चाहते हैं, लेकिन उपजाऊ जमीन देकर नहीं। किसानों की सहमति के बिना एक इंच जमीन का अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रशासन पहले किसानों से संवाद करे। बिना सहमति सर्वे और अधिग्रहण की प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। हमारा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन हम मरने से पीछे भी नहीं हटेंगे।
संघर्ष समिति के संयोजक सुमंत सिंह अन्ना और अशोक सिंह ने कहा कि हमारी जमीन ही हमारी पहचान और आजीविका है। यदि इसे बचाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा तो किसान उसके लिए भी तैयार हैं । यह लड़ाई केवल एक गांव की नहीं बल्कि पूरे नरवन क्षेत्र के किसानों और उनके परिवार के भविष्य की है।अगर हम किसानों की सुनवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पहले दिन की पदयात्रा ओयरचक से शुरू होकर असदड़, कुंवा,अरंगी,लक्ष्मणपुर होते हुए रामपुर पहुंच कर समाप्त हुई। इस दौरान संत विलास सिंह, रविंद्रनाथ सिंह मुन्ना, जयशंकर सिंह, ज्ञानप्रकाश सिंह, आलोक सिंह, अशोक यादव, समरेंद्र बहादुर सिंह, सतीश राय, मिथिलेश उपाध्याय, धनजी उपाध्याय, निखिल सिंह, बसंत सिंह आदि रहे।
गांव-गांव से पहुंचे किसान, दिखाई एकजुटता
ओयरचक में हुई पंचायत और पदयात्रा में आसपास के कई गांवों के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि किसी भी गांव के किसान को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। संघर्ष समिति ने गांव-गांव संपर्क अभियान चलाकर आंदोलन को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण तत्काल रोकने, किसानों की सहमति के बिना कोई सर्वे या अधिग्रहण न करने, एक्सप्रेस-वे के लिए वैकल्पिक मार्ग का चयन करने,किसानों के साथ वार्ता कर सर्वसम्मति से समाधान निकालने आदि मांगे मुख्य हैं।