यरूशलम को इजराइल की राजधानी घोषित किए जाने के विरोध में शुक्रवार को वाराणसी के शिया जामा मस्जिदों में अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। जुमे की नमाज के बाद नमाजियों ने ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी की। शिया मुसलमानों ने ये फैसला वापस लेने की मांग की।
दालमंडी स्थित शिया जामा मस्जिद में मौलाना अमीन हैदर हुसैनी ने तकरीर में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ये एकतरफा फैसला हमें मंजूर नहीं। जामा मस्जिद अर्दली बाजार में मौलाना हैदर अब्बास ने कहा कि मुसलमान ही नहीं दुनिया की दूसरी कौमें भी उनके खिलाफ आवाज बुलंद कर रही हैं।
शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने कहा कि यूएनए में 21 दिसंबर को हुई वोटिंग में भारत समेत 128 देशों ने ट्रंप और इजराइल के विरोध में वोटिंग की है।
इसी तरह जामा मस्जिद बजरडीहा में मौलाना जहीन हैदर, रामनगर में मौलाना बदरुल हसन और जामा मस्जिद दुलहीपुर में मौलाना हैदर मेहंदी ने तकरीर की।