आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि धानापुर (चंदौली) थाना क्षेत्र के लोकुआ निवासी कुंवर मौर्या के भाई नगरू मौर्या की नौगढ़़वा निवासी साहबलाल के यहां ससुराल थी। इसी रिश्ते के जरिए उसका आना-जाना हुआ और साहब की पत्नी लीलावती से नजदीकी संबंध बन गए।
इसका फायदा उठाते हुए उसने लीलावती की बहन के बेटे मिर्जापुर के संतनगर निवासी चंद्रशेखर मौर्य उर्फ मखंचू से सात लाख रुपये यह कहकर उधार लिए कि वह प्रापर्टी डीलिंग में होने वाले मुनाफे में उसे हिस्सा देगा। चंद्रशेखर ने यह पैसा उसे ब्याज पर लेकर दिया था लेकिन मुनाफा दूर, उसने पैसा लौटाने में ही आनाकानी शुरू कर दी।
इस बीच उसने साहब की पुत्री सुमन मौर्य की शादी सकलडीहा (चंदौली) थाना क्षेत्र के तिखापुर निवासी हर्ष से करवाया। शादी के बाद उसके ससुराल के लोगों ने छह विश्वा जमीन सुमन के नाम कर दी लेकिन कुछ समय बाद उसने यह शादी तोड़वा दी और उसका विवाह अपने बेटे रवि से करवा दिया, जो चेन्नई में रहकर निजी संस्थान में काम करता था। शादी के बाद उसने सुमन को बहू के रूप में अपने गांव न ले जाकर सकलडीहा में किराए के मकान में रखा। जो जमीन उसके नाम थी उसे लगभग 15 लाख में बेचकर रकम अपने खाते में जमा करवा ली।
एएसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने जानकारी दी है कि सुमन को जमीन बिक्री के एक भी रुपये नहीं दिए गए और उसने उसे भी अपनी गंदी नियत का शिकार बनाने का प्रयास शुरू कर दिया। इसी दौरान उसने चंद्रशेखर की बहन जो गूंगी है, उसकी भी शादी तुड़वाने के बाद उस पर गंदी नजर डालनी शुरू कर दी।
ऐसी रची हत्या की साजिश और अंजाम
इसी से नाराज होकर आरोपियों ने हत्या की साजिश रची। लीलावती ने गत 22 मार्च को फोन कर कुंवर को नौगढ़वा बुलाया। चालक रोहित के साथ वह शाम छह बजे पहुंचा। यहां उसे खाना खिलाने के साथ शराब पिलाया। रोहित बाहर कार में सोने चला गया और कुंवर घर के अंदर सो गया। जब वह गहरी नींद में चला गया तब उसने रात साढ़े 10 से 11 बजे के बीच दूसरी मोबाइल से फोन कर मखंचू को बुलाया। जैसे ही वह घर के पिछले दरवाजे से अंदर पहुंचा, लीलावती, उसके पति साहबलाल और मखंचू तीनों ने मिलकर सो रहे कुंवर की गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद मखंचू ने मृतक के दोनों हाथ-पैर बांधे और शव को पुरानी साड़ी में लपेटा। बाहर जाकर कार में सो रहे चालक रोहित को जगाया और डरा-धमकाकर शव को कार की डिकी में रखवाया। शव डिकी में रखवाने के बाद साहबलाल घर पर रूक गया। चालक के बगल में मखंचू और पीछे लीलावती बैठ गई और सिरसी डैम ले जाकर शव को पत्थर बांध पानी में फेंक दिया गया।
फूलप्रूफ प्लान पर फिरता दिखा पानी तो मुगलसराय ले जाकर फेंकी मोबाइल, सिम कर दिए नष्ट
किसी को वारदात की जानकारी न होने पाए इसके लिए चालक को जमकर डराया-धमकाया गया था लेकिन लीलावती को जब यह पता चला कि चालक ने मृ़तक के घर वालों को घटना की जानकारी दे दी है। तब उसने कुंवर के जो दोनों फोन नौगढ़वा रह गए थे उसे ट्रेन के रास्ते मुगलसराय ले जाकर चलती ट्रेन से फेंक दिया।
पति के मोबाइल की सिम तोड़ दी और खुद के मोबाइल की सिम निकालकर जला दी और घर में ताला लाकर तीनों आरोपी एक साथ फरार हो गए। एएसपी ने बताया कि अब तक रिश्तेदारी में छिपते फिर रहे थे। बुधवार को बाहर जाने की फिराक में थे तभी दबोच लिया गया।