पूर्वांचल के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने का रास्ता खुल सकता है। भारत सरकार के एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों को प्रशिक्षण, निर्यात प्रक्रियाओं की जानकारी और निरंतर मार्गदर्शन देने की पहल की जा रही है। दी स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने इस पहल का स्वागत करते हुए क्षेत्र के उद्यमियों को इसका लाभ दिलाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को चांदपुर स्थित भारत सरकार के एमएसएमई विकास केंद्र में एमएसएमई के निदेशक वीके वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के उद्देश्यों, प्रस्तावित प्रशिक्षण व्यवस्था और वाराणसी समेत पूर्वांचल के उद्यमियों को इससे लाभान्वित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसमें वीके वर्मा ने बताया कि मिशन का प्रमुख उद्देश्य ऐसे एमएसएमई उद्यमियों को निर्यात के लिए तैयार करना है, जिन्होंने अभी तक निर्यात शुरू नहीं किया है। इसके तहत उन्हें निर्यात की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों और निर्यात कारोबार में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों की जानकारी दी जाएगी। मिशन के पायलट चरण में कॉयर क्षेत्र और अधिक श्रम-प्रधान उद्योगों के एमएसएमई पर ध्यान केंद्रित करने की योजना है। चयनित उद्यमियों के लिए हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एनआई-एमएसएमई) में पांच से छह दिन का गहन आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित है।
प्रशिक्षण से बढ़ेंगी निर्यात की संभावनाएं
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि वाराणसी और पूर्वांचल में कई ऐसे सूक्ष्म एवं लघु उद्योग हैं, जिनके उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान बनाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। हालांकि, निर्यात प्रक्रियाओं की जानकारी, विदेशी बाजारों तक पहुंच, जरूरी औपचारिकताओं और व्यावहारिक मार्गदर्शन की कमी के कारण कई उद्यमी इस क्षेत्र में कदम नहीं बढ़ा पाते। उन्होंने कहा कि यदि उद्यमियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण, बाजार संबंधी जानकारी और निरंतर सहयोग मिले तो वे निर्यात शुरू करने के साथ अपने कारोबार का विस्तार भी कर सकते हैं।
लोकल से ग्लोबल की दिशा में बढ़ेंगे उद्यमी
एसोसिएशन के महासचिव नीरज पारीख ने कहा कि भारत सरकार की इस पहल और विभागीय सहयोग से क्षेत्र के एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया, महासचिव नीरज पारीख, उपाध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल और अनुपम देवा के अलावा मनीष कटारिया, पंकज अग्रवाल, ज्ञानेश्वर, सर्वेश श्रीवास्तव, अजय जायसवाल सहित अन्य उद्यमी शामिल रहे। इस अवसर पर एमएसएमई के उप निदेशक राजेश चौधरी और वीके राणा भी मौजूद रहे।