पुलिस आयुक्त ने बताया कि बृहस्पतिवार को अर्दली रूम में लंबित विवेचनाओं, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन, गैर-जमानती वारंट की तामील, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, बिना नंबर वाहनों की सीज कार्रवाई और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि संबंधित विवेचकों के पास 60 दिन से विवेचनाएं लंबित हैं। शिकायतों के निस्तारण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
एनबीडब्ल्यू वारंट के मामलों में गिरफ्तारी तक नहीं की गई थी। इसके अलावा बिना नंबर वाहनों और यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि प्रमुख मार्गों पर ट्रैवल टाइम में 25 प्रतिशत की कमी लाई जाए। हर चौराहे पर पुलिस बल की तैनाती, सड़कों पर खड़े वाहनों को क्रेन से हटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए।
स्पष्ट किया कि ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं की जिम्मेदारी केवल ट्रैफिक पुलिस की नहीं, बल्कि संबंधित थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज की भी है। निरीक्षण के दौरान अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज करने को कहा गया। साथ ही, यातायात पुलिस के साथ समन्वय बनाकर जाम की समस्या समाप्त करने के निर्देश दिए गए। मुकदमों में समय से सिस्टम आइडेंटिफिकेशन तैयार कर उसे पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए।