अभाविप काशी विद्यापीठ इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने दस सूत्रीय मांगें रखीं। प्रमुख मांगों में छात्रावासों में मेस सुविधा को नियमित रूप से संचालित करने, लाइब्रेरी में पुस्तकों और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा लाइब्रेरी का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक बढ़ाने की मांग शामिल रही।
इसके अलावा छात्रों ने सत्र 2025-26 को नियमित करते हुए शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने, अंतिम वर्ष के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों की परीक्षाएं जल्द आयोजित कर परिणाम घोषित करने की मांग उठाई। जिन पाठ्यक्रमों में मेरिट के आधार पर प्रवेश होना है, उनकी काउंसिलिंग 10 जून तक पूरी कराने तथा जिन कोर्सों में प्रवेश परीक्षा होनी है, उनकी तिथि शीघ्र घोषित करने की भी मांग की गई।
अभाविप काशी विद्यापीठ इकाई के अध्यक्ष ओमआकाश मौर्य ने आरोप लगाया कि संगठन की ओर से कई बार कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण छात्रों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे पढ़ाई-लिखाई भी प्रभावित हो रही है।
इस दौरान अभाविप के महानगर मंत्री शिवम तिवारी, विभाग संयोजक आकाश प्रताप सिंह, महानगर सह मंत्री अंकुर तिवारी सहित खुशी राय, श्रुति सिंह, श्रेया और अभिषेक समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द छात्रहित में निर्णय लेने की मांग की।