मिर्जापुर। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस हिरासत में चुनार किले में लाए जाने के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दबाव पुलिस और प्रशासन पर बढ़ने लगा। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारी उन्हें वापस वाराणसी भेजने के लिए मनाते रहे पर प्रियंका सोनभद्र जाने की जिद पर अड़ी रहीं। उनका कहना था कि अगर सोनभद्र नहीं जाने दिया गया तो वह रात में चुनार किले में ही रहेंगीं।
प्रियंका को हिरासत में लिए जाने की सूचना पर वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र के कार्यकर्ता चुनार किले पहुंचने लगे। शाम पांच बजे तक किले के बाहर करीब तीन सौ से ज्यादा की भीड़ लग गई थी। शाम पांच बजे डीएम अनुराग पटेल और एसपी अवधेश कुमार पांडेय ने प्रियंका गांधी से वाराणसी जाने का अनुरोध किया। इस पर उन्होंने कहा कि वह जाएंगी तो सोनभद्र, नहीं तो पूरी रात चुनार किले में ही गुजारेंगीं। इससे पहले प्रियंका गांधी का काफिला दिन में करीब 11 बजे वाराणसी से नारायनपुर पुलिस चौकी के पास पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने पुलिस वालों से पूछा कि किसके आदेश पर और क्यों रोका गया गया है? उन्होंने रोके जाने संबंधी लिखित आदेश की कॉपी भी मांगी। लेकिन आदेश न दिखा पाने पर वह चौकी के सामने ही धरने पर बैठ गईं थीं। करीब एक घंटे बाद प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ वाराणसी के पूर्व विधायक अजय राय, ललितेशपति त्रिपाठी भी धरने पर बैठे। प्रियंका गांधी डीएम और एसएसपी वाराणसी से भी रोके जाने संबंधी लिखित आदेश दिखाने को कह रही थीं। बाद में एसडीएम चुनार प्रियंका गांधी को अपनी गाड़ी से चुनार किले के गेस्ट हाउस ले गए।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने चुनार किले में कहा कि सोनभद्र में धारा 144 लागू है तो वह केवल तीन लोगों के साथ वहां जाएंगी। वह पीड़ितों से मिलना चाहती हैं ताकि उन्हें ये अहसास हो कि उनके साथ कोई खड़ा है। वह अकेले नहीं हैं। कहा कि सुबह जब वह वाराणसी से मिर्जापुर पहुंचीं तो उन्हें रोक लिया गया। कहा गया कि वह सोनभद्र नहीं जा सकती हैं। अफसरों से आर्डर दिखाने को कहा तो वह कुछ नहीं दिखा पाए। अफसरों ने कहा रोकने का कोई लिखित आदेश नहीं है लेकिन ऊपर से फोन आया है। इस पर प्रियंका ने कहा कि तब तो जरूर जाऊंगी।
घोरावल के मूर्तिया गांव जा रहे कांग्रेस नेता भगवती चौधरी और उनके समर्थकों के काफिले को पुलिस और प्रशासन की टीम ने मड़िहान क्षेत्र के कलवारी में रोक दिया। वह कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के मूर्तिया जाने की सूचना पर समर्थकों के साथ पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे।