इसके बाद जब इंदिरा गांधी की निगाह उन पर पड़ी तो उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से कहा कि बुढ़ऊ को उनके पास आने दो। गंभीर सिंह गमछे में चिरौंजी बांधकर वहां पहुंचे। वहां उन्होंने गमछे में बंधी हुई चिरौंजी की पोटली खोलकर इंदिरा गांधी को उपहार के तौर पर देते हुए कहा कि ल माई ई जंगल क परसाद चिरौंजी हवै। इहां हम अपने माई से मिलई बदे अउर चिरौंजी देई बदे आई हई, लेकिन ई खाकी बर्दी वाले लोगन हमके रोकत रहेन। मोर माई के हम परनाम करत हई।
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प्रियंका गांधी को जब लालदेई ने चिरौंजी चीनी भेंट की तो प्रियंका ने उसे सहर्ष स्वीकार किया। बता दें कि उभ्भा कांड में लालदेई के पति अशोक, उसकी चचिया सास बसमतिया की मौत हो गई थी।