राजकुमार गुप्ता ने बताया कि आराजी लाइन क्षेत्र में बच्चों के आवास से 10 से 15 किलोमीटर दूर के स्कूल आवंटित किए जा रहे हैं। जबकि आरटीई के प्रावधान के तहत एक किलोमीटर के अधिक की दूरी नहीं होनी चाहिए। कई मामले ऐसे सामने आए हैं, जिसमें फार्म में भरे गए स्कूल के विकल्प आवंटित नहीं किए गए।
कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिसमें दो-तीन साल से आवेदन कर रहे अभ्यर्थी को स्कूल आवंटित ही नहीं किया गया। कई आवेदकों को गैर मान्यता प्राप्त स्कूल आवंटित कर दिए गए।
प्रतिनिधि मंडल में अजय पटेल, राजकुमार गुप्ता, विनय कुमार सिंह, गौतम सिंह, ममता कुमार, बिंदु गुप्ता, सरिता यादव, पूजा, श्याम सुंदर यादव, बाबूलाल पटेल, विजय कुमार यादव, गोविंद यादव, अश्विनी यादव, राजेश पटेल, दशमी पटेल, ननकी देवी, संजय, श्याम सुंदर आदि शामिल थे।
आवेदकों को नियमानुसार स्कूलों का आवंटन हुआ है। उन्होंने जो विकल्प भरा था, उसके अनुरूप ही स्कूल दिए गए हैं। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो संज्ञान में आते ही उसे सुधारा जा रहा है। - विमल केशरी, जिला समन्वयक, आरटीई
आरटीई के तहत हुए दाखिले में कोई भी स्कूल एडमिशन लेने में यदि आनाकानी करता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी