नियमानुसार कोविड जांच करने वाले लैब को पॉजिटिव मरीज आने की जानकारी सीएमओ ऑफिस को देनी होती है लेकिन बहुत से ऐसे लैब भी शहर में हैं जो जांच तो कर रहे हैं लेकिन जांच कराने वाले की आईडी नहीं बना रहे हैं, जिस वजह से समस्या बढ़ गई है।
केस एक-
बीएलडब्ल्यू के पास रहने वाली 35 वर्षीय महिला ने महमूरगंज स्थित एक निजी लैब में पांच अप्रैल को जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सोमवार शाम को तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने कोविड अस्पताल से संपर्क किया। यहां पता चला कि कोविड जांच की आईडी नहीं बनी है। इस वजह से भर्ती नहीं हो सकती है। ऐसे में परिजन परेशान हैं।
केस दो-
सुंदरपुर स्थित 39 वर्षीय व्यक्ति ने भी महमूरगंज स्थित लैब से ही 4 अप्रैल को कोरोना जांच कराई। जब तबीयत बिगड़ी तो रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में पूछताछ की तो कोई सैंपल आईडी विभाग में न होने, संक्रमित होने की जानकारी न होने की वजह से सही जानकारी नहीं हो पाई। अब संबंधित व्यक्ति के साथ ही परिजन भी परेशान हैं।
यहां करा सकते हैं निशुल्क जांच
बीएचयू अस्पताल
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर
ईएसआईसी अस्पताल पांडेयपुर
कैंट रेलवे स्टेशन
रोडवेज बस स्टैंड
बाबतपुर एयरपोर्ट
शहरी और ग्रामीण पीएचसी
इन निजी लैब में होती है जांच
लाल पैथ लैब्स
एसआरएल लैब
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो लैब चिह्नित किए गए हैं, वहा जांच कराने वालों की नियमानुसार सैंपल आईडी बन रही है। साथ ही उन्हें हर दिन जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों की रिपोर्ट देनी होती है। बिना मरीज की आईडी बनाकर जांच करने और विभाग को सूचना न देने वालो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉक्टर वीबी सिंह, सीएमओ