पूर्वांचल के सभी जिलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं लेकिन सबसे बदतर हालत जौनपुर जिला जेल की है। यहां 12 बैरकें हैं। अधिकतर बैरकों की क्षमता अधिकतम 30 बंदियों की है। दो से तीन बैरकों में 60 बंदी रखने की क्षमता है। इनमें तकरीबन पांच सौ बंदी सो सकते हैं लेकिन जेल में बंदियों की संख्या 1150 हो गई है।
ऐसे में बंदियों को दो शिफ्ट में सोने की जगह जेल की बैरकों में मिल पा रही है। जर्जर बैरकों पर शासन एवं जेल मुख्यालय ध्यान नहीं दे रहा है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एके मिश्रा ने कहा कि क्षमता से चार गुना अधिक बंदी हैं। स्वाभाविक है कि ऐसी हालत में उन्हें दिक्कतें होती होगी। बैरकें कुछ जर्जर हैं। इसकी मरम्मत के लिए पत्र लिखा गया है। एक बैरक की मरम्मत के लिए स्वीकृति मिली है।