हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर वाराणसी सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे भदोही निवासी मुश्ताक उर्फ अद्धा (60) की शुक्रवार की भोर दीनदयाल अस्पताल में मौत हो गई। सूचना पाकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। परिजनों का आरोप है कि मुश्ताक को जहर देकर उसकी हत्या की गई है।
भदोही के कजियाना निवासी मुश्ताक हत्या के मामले में वर्ष 2011 से जेल में बंद था। बीते मई महीने में उसे भदोही जेल से सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था।
जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीष गौड़ के अनुसार मुश्ताक दमा से पीड़ित था और उसका उपचार चल रहा था। शुक्रवार की रात उसकी हालत बिगड़ी तो दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
उधर, पुलिस की सूचना पर दीनदयाल अस्पताल पहुंचे मुश्ताक के बेटे मुजाहिद का कहना था कि उसके पिता का शरीर नीला पड़ा हुआ था। ऐसा जहर देने के कारण हुआ है। सेंट्रल जेल में उसके बीमार होने की जानकारी कभी परिवार को नहीं दी गई।
मुजाहिद ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होने पर वह मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से मिलेगा।