जौनपुर। जिले में संचालित हो रहे अमान्य विद्यालयों को लेकर प्रशासन काफी सख्त हो गई है। बोर्ड परीक्षा में पंजीकरण के नाम पर हो रहे खेल को रोकने लिए अभी से नकेल कसने की तैयारी शुरू हो गई है। डीआईओएस ने जिले में चल रहे अमान्य विद्यालयों की सूची तैयार करने के लिए सभी तहसीलों में एक-एक प्रभारी नियुक्त किया है। प्रभारियों को निर्देश दिया है कि एक सप्ताप के भीतर अपने-अपने तहसीलों में चल रहे अमान्य विद्यालयों की सूची तैयार उपलब्ध करा दें।
डीआईओएस डा. ब्रजेश मिश्र की अध्यक्षता में राजकीय पुस्तकालय सभागार में हुई प्रधानाचार्यो की बैठक में नए सत्र की शिक्षण व्यवस्था, साफ सफाई और छात्रों के पंजीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। तहसील वार अमान्य विद्यालयों की सूची तैयार करने के लिए छह शिक्षकों को तहसील प्रभारी बनाया गया। मड़ियाहूं की जिम्मेदारी आशुतोष को सौंपी गई। इसी प्रकार रामचंदर यादव को मछलीशहर, संतोष विश्वकर्मा, ब्रम्हजीत यादव को सदर, समर बहादुर यादव को सदर, रविंद्र यादव को बदलापुर तहसील की जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी तहसील प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वह एक सप्ताह के भीतर विद्यालयों की सूची तैयार कर उपलब्ध करा दें। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि वह विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बनाए ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा दी जा सके। इसके अलावा विद्यालय परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। नए सत्र में छात्रों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी छात्र का फर्जी तरीके से पंजीकरण किया गया तो विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।