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यूपी बोर्ड की नकली कॉपी छापने का हुआ भांडाफोड़, इसने दिया था आर्डर

Sat, 03 Feb 2018 02:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
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यूपी बोर्ड परीक्षा की नकली उत्तर पुस्तिका के साथ गिरफ्तार प्रिटिंग प्रेस का मालिक - फोटो : अमर उजाला
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यूपी बोर्ड परीक्षा की नकली उत्तर पुस्तिका छापने का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने यूपी बोर्ड की नकली कॉपी छाप रहे प्रिंटिंग प्रेस मालिक गिरफ्तार कर लिया है।   प्रेस को सील कर मौके से मिली दो हजार उत्तर पुस्तिकाओं को जब्त कर लिया गया है। यह प्रिंटिंग प्रेस था यूपी के जौनपुर में।
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पुलिस के मुताबिक प्रेस मालिक के तार नकल माफियाओं से जुड़े हैं। गिरफ्तार प्रेस मालिक ने बताया कि एक स्कूल के प्रबंधक के आर्डर पर कॉपियां छाप रहा था। एसटीएफ की टीम भी मामले की छानबीन में जुटी है। 

लाइन बाजार क्षेत्र के जोगियापुर मोहल्ले में स्थित सूरज पुस्तक केंद्र एवं प्रिंटिंग प्रेस में बोर्ड परीक्षा की नकली उत्तर पुस्तिका छापने की सूचना प्रभारी डीएम आलोक सिंह और एसपी केके चौधरी को मिली थी। शुक्रवार को दिन में 11 बजे पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा।
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इस दौरान प्रेस मालिक रामपलट मौर्य खुद नकली उत्तर पुस्तिका की छपाई करते मिला। पुलिस ने रामपलट के साथ वहां काम करने वाले छह कर्मचारियों को भी हिरासत में ले लिया। मौके से बरामद दो हजार उत्तर पुस्तिका को पुलिस ने कब्जे में ले लिया।


जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि प्रिंटिंग प्रेस से जब्त उत्तर पुस्तिकाएं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं से मेल खा रही हैं। पूछताछ के बाद प्रेस के कर्मचारियों को छोड़ दिया गया जबकि रामपलट मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।

शाम को एसटीएफ की टीम ने भी पूरे मामले की छानबीन की। जिला प्रशासन ने मामले से शासन को अवगत करा दिया है। पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने बताया कि  गिरफ्तार प्रेस के मालिक ने बताया है कि वह एक इंटर कालेज के प्रबंधक के आर्डर पर उत्तर पुस्तिकाएं छाप रहा था। पुलिस कॉलेज प्रबंधक की तलाश कर रही है।
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केंद्र के बाहर कॉपी लिखवाने की थी तैयारी

arrested
ठेके पर नकल करवाने वाले शिक्षा माफिया सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए नकल का नया तरीका ईजाद कर लिया है। जिस परीक्षार्थी को पास कराने का सौदा होता उसे परीक्षा केंद्र में नकली उत्तर पुस्तिका देकर बैठा दिया जाता और असली उत्तर पुस्तिका बाहर कहीं लिखवाकर उसे बोर्ड को भेज दिया जाता। बाद में नकली उत्तर पुस्तिका को केंद्र पर ही नष्ट कर दिया जाता।

दरअसल इस साल सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया गया है। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए इसे पहले ही अनिवार्य कर दिया गया था। ऐसे में नकल कराने वाले शिक्षा माफियाओं ने नया तरीका इजाद कर लिया है। इस वर्ष जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 241 केंद्र बनाए गए हैं।

नकल के लिए पहले से बदनाम विद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। नकली उत्तर पुस्तिका पकड़ने के बाद शिक्षा माफिया में भी हड़कंप है। नकली उत्तर पुस्तिका छापते पकड़े गए प्रिंटिंग प्रेस के मालिक रामपलट मौर्य ने पुलिस को उस कालेज के प्रबंधक नाम बताया है जिसके आर्डर पर वह नकली उत्तर पुस्तिकाओं की छपाई कर रहा था।

परीक्षा शुरू होने से पहले ही नकल कराने के लिए इतने बड़े पैमाने पर तैयारी का खुलासा होते ही जिला प्रशासन भी हैरत में है। अभी तक माना जा रहा था कि इस बार सीसीटीवी कैमरे की नजर में परीक्षा होने से नकल की गुंजाइश नहीं रह जाएगी।

लेकिन नकली उत्त पुस्तिकाओं की बरामदगी ने साबित कर दिया है कि नकल माफिया अंदर ही अंदर ही अंदर सीसीटीवी कैमरे को मात देने की तैयारी कर चुके हैं। पुलिस ने बारीकी से छानबीन की तो कई नकल माफिया बेनकाब होंगे।
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