फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रियंका को मनाने में छूट गए अफसरों के पसीने

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। सोनभद्र के उभ्भा जाने की जिद पर अड़ी कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को मनाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। देर रात बात बिगड़ती देख शासन से एडीजी जोन बृज भूषण और कमिश्नर वाराणसी दीपक अग्रवाल को उन्हें दिल्ली वापस भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई। शुक्रवार रात दो चरणों की वार्ता के बाद प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बिना लौटने से इनकार कर दिया। शनिवार की सुबह पीड़ित परिवारों के चुनार किले के गेस्ट हाउस में पहुंचने और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद एडीजी जोन और कमिश्नर वाराणसी फिर उनसे वार्ता करने पहुंचे तो उनका रुख थोड़ा नरम था।
विज्ञापन

शनिवार सुबह उभ्भा पीड़ितों से मुलाकात के बाद एडीजी जोन और कमिश्नर वाराणसी के नेतृत्व में अधिकारियों का दल प्रियंका गांधी से वार्ता करने पहुंचा तो उन्होंने पहला सवाल किया मुझे रोकने का आधार क्या है। अधिकारियों ने बताया कि सोनभद्र में धारा 144 लागू है और वहां जाने से भावनाएं भड़कने की आशंका है। प्रियंका ने कहा, मैं तो पीड़ितों के न्याय के लिए यहां आई हूं तो अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा- पीड़ितों से आपकी मुलाकात हो गई है, आप लौट जाएं और मामला शांत होने के बाद वहां दौरा करने आ सकती हैं। प्रियंका गांधी ने उन्हें कहा- मुझे तो गिरफ्तार किया गया है और जमानत मुझे नहीं करानी है। उन्हें बताया गया कि गिरफ्तारी नहीं है और आपकी सुरक्षा के लिए यहां लाया गया था। हालांकि बातचीत के बाद प्रियंका गांधी ने कहा, पूरी कार्रवाई पर हमारे कार्यकर्ता नजर रखेंगे और पीड़ितों को न्याय के लिए काम होना चाहिए। इसके बाद प्रियंका ने बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव की इच्छा जताई तो अधिकारियों की सांस में सांस आई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें