काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ‘शांति और सौहार्द’ पर 19-20 दिसंबर होने वाले शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे। इस बीएचयू के चांसलर डॉ. कर्ण सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ मेन यूएसए के प्रो. डुगलस ऐलन, यूएन सेक्रेटरी जनरल के विशिष्ट सलाहकार व अंडर सेक्रेटरी जनरल एडमा डिंग सहित देश-विदेश के नामी विद्वान इस सम्मेलन में हिस्सा लेने आएंगे।
इसके अलावा 12 जनवरी को कन्या कुमारी से कश्मीर के लिए निकली ‘आशा यात्रा’ (वॉक ऑफ होप) के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। मालवीय सेंटर फॉर पीस एंड रिसर्च में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी यूनेस्को चेयर होल्डर प्रो. प्रियंकर उपाध्याय और आशा यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक ब्रजेश कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि कन्या कुमारी के विवेकानंद रॉक से निकली ‘आशा यात्रा’ नौ महीने के सफर के बाद इस समय मध्य प्रदेश में है। कटनी, मैहर होते हुए 14 दिसंबर को यह यात्रा बनारस पहुंचेगी। 15 से 20 दिसंबर तक इस दल के प्रतिनिधि काशी में प्रवास करेंगे। इसी दौरान बीएचयू में शिखर सम्मेलन आयोजन किया जाएगा।
ब्रजेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत हो चुकी है। उन्होंने आगमन की सहमति भी दे दी है। साथ ही दूसरे विद्वानों की भी मंजूरी मिल चुकी है। बताया कि श्री एम द्वारा स्थापित सत्संग फाउंडेशन के तत्वावधान में मानव एकता मिशन, बंगलूरू की ओर से यह यात्रा देश भर में शांति और सद्भाव का संदेश देने के लिए निकली है।
इस दल में हर धर्म के प्रतिनिधि शामिल हैं। यात्रा के दौरान हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई, जैन, यहूदी, सिख और पारसी पूजा स्थलों का दौरा किया जा रहा है। धार्मिक और राजनीतिक प्रमुखों से मुलाकात कर उनसे सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया जा रहा है।