नदेसर के वरुणा पुल स्थित अभिलाषा कॉलोनी के दो सगे भाइयों को कैंट इंस्पेक्टर रतन सिंह यादव द्वारा 14 दिन तक अवैध हिरासत में रखने का मामला प्रकाश में आया है। वाट्सएप के जरिए मामला संज्ञान में आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि कैंट थाना पहुंचे। दोनों सगे भाइयों से कैमरे कै सामने उनसे पूछताछ की और फिर उन्हें घर भिजवा दिया
एसएसपी ने समूचे मामले की जांच एसपी क्राइम को सौंपते हुए इंस्पेक्टर कैंट केे खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है। वहीं, समूचे मामले की जानकारी सार्वजनिक होते ही कैंट इंस्पेक्टर की कार्यशैली को लेकर पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खासी चर्चा रही।
कैंट इंस्पेक्टर रतन सिंह यादव ने वरुणापुल स्थित अभिलाषा कॉलोनी निवासी दो सगे भाई शंकर यादव और बलिराम यादव को 14 दिन पूर्व हिरासत में लिया। इनके एक पट्टीदार की कुछ माह पूर्व ही हत्या हुई थी। घरवालों का आरोप है कि कैंट इंस्पेक्टर दोनों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए एक स्थान की जमीन खुद के नाम लिखाने का दबाव बना रहे थे।
तब से लेकर सोमवार शाम तक दोनोें भाई कैंट इंस्पेक्टर की अवैध हिरासत में ही थे। दोनों का भोजन घर से आता जरूर था लेकिन उन्हें घर जाने की इजाजत नहीं थी। दोनों के पिता पंचम ने कई बार थाने का चक्कर काटा लेकिन इंस्पेक्टर का दिल नहीं पसीजा। सोमवार की शाम समूचा मामला एसएसपी के संज्ञान में व्हाट्सएप के जरिए आया।
एसएसपी इस पर संज्ञान लेकर खुद कैंट थाना पहुंचे। दोनों भाइयों का वीडियो कैमरे के सामने बयान रिकार्ड करा कर उनसे पूरे प्रकरण के संबंध में प्रार्थना पत्र लिया और न्यायोचित कार्रवाई का आदेश देते हुए ।