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पीएम का काशी आगमनः थल से लेकर नभ तक इस तरह की है सुरक्षा व्यवस्था

Fri, 22 Sep 2017 01:44 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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आठ हजार से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान तैनात रहेंगे सुरक्षा के लिए - फोटो : अमर उजाला
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 22 सितंबर को वाराणसी आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय प्रवास के दौरान थल से लेकर नभ तक ऐसी सुरक्षा व्यवस्था की गई है कि कोई परिंदा भी पर ना मार सके।पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होने वाली फोर्स को गुरुवार को डीरेका सिनेमा हॉल में एडीजी (सुरक्षा) ब्रीफ कर दिया।
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पीएम मोदी की डमी फ्लीट का ग्रैंड रिहर्सल भी किया गया।   हेलीपैड पर हेलीकाप्टरों की ट्रायल लैंडिंग भी  कराई गई। पीएम मोदी काशी में पांच स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे। एसपीजी के अलावा प्रधानमंत्री के बाह्य सुरक्षा घेरे में एनएसजी कमांडो, एटीएस कमांडो, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के जवान, सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहेंगे।

इसके साथ ही प्रत्येक कार्यक्रम स्थल पर अत्याधुनिक उपकरणों से लैस बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और एंटी माइंस डिटेक्शन यूनिट के जवान तैनात रहेंगे। पीएम के सभी कार्यक्रम स्थल के आसपास और उनकी आवाजाही के रूट की ऊंची इमारतों पर अत्याधुनिक असलहों के साथ रूफ टॉप फोर्स तैनात रहेगी।
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पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था की कमान एडीजी (सुरक्षा) विजय कुमार संभालेंगे। एडीजी (सुरक्षा) के नेतृत्व में दो डीआईजी, 26 पुलिस अधीक्षक, 35 एडिशनल एसपी, 48 डिप्टी एसपी, 700 सब इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल, 2600 कांस्टेबल, 17 कंपनी पीएसी, 16 कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स और 500 होमगार्ड तैनात रहेंगे।

इसके अलावा जिले में तैनात एडिशनल एसपी, डिप्टी एएसपी और थानेदार अपने क्षेत्र की शांति और कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखेंगे। पीएम मोदी के प्रत्येक कार्यक्रम स्थल और हेलीपैड की निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं।

उधर, पीएम आगमन के मद्देनजर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने शहर में जाल बिछा दिया है। निगरानी इस स्तर पर की जा रही है कि देश से बाहर कौन और कहां कॉल रहा है वह भी खुफिया एजेंसियों के रडार पर है।
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...तो प्रधानमंत्री को अपनी व्यथा सुना सकेंगे शिक्षामित्र

pm modi - फोटो : ANI
 प्रदेश के शिक्षामित्र यदि कानून के दायरे में रहकर प्रशासन की बातों को मानेंगे तो उनके प्रतिनिधिमंडल की प्रधानमंत्री से मुलाकात कराई जा सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार ऐसी संभावनाओं पर जिला पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी लगातार विचार कर रहे हैं।

मगर, कानून का उल्लंघन करने वाले शिक्षामित्र बख्शे नहीं जाएंगे। साथ ही, इस संबंध में शासन के निर्देश पर आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं।
प्रदेश के शिक्षामित्र पीएम मोदी के शहर प्रवास के दौरान अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए काले झंडे दिखाकर, नारेबाजी कर या अन्य तरीकों से विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं।

वहीं, सोशल मीडिया के अनुसार शिक्षामित्रों ने आत्मदाह जैसी धमकी भी दी है। खुफिया इकाइयों के इस इनपुट ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार सभी रेलवे स्टेशन, बस और ऑटो स्टैंड पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल से इस संबंध में लगातार बातचीत भी जारी है। साथ ही, उनके नेताओं की सूची नाम और पते के साथ तैयार कर ली गई है। शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए पीएम के प्रत्येक कार्यक्रम स्थल और उनकी आवाजाही के रूट पर पुरुष और महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में तैनात रहेंगे।

भीड़ में शामिल लोगों की आंखों और हाथों की हरकत पर फोर्स का पूरा फोकस रहेगा। हल्की सी भी गड़बड़ी करने वाला भी सीधे सलाखों के पीछे नजर आएगा।
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