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प्रधानमंत्री मोदी ने किया ट्रेड फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन, हैंडलूम उत्पादों को मिलेगा नया आयाम

Fri, 22 Sep 2017 06:02 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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ट्रेड फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन - फोटो : twitter
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट ट्रेड फैसिलिटी सेंटर (टीएफसी) आज उनकी आखों का सामने है। वाराणसी दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी सबसे पहले बड़ा लालपुर स्थित टीएफसी ही पहुंचे। प्रधानमंत्री ने इसे देश के नाम समर्पित किया।
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उनके साथ सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी इसका जायजा लिया। वाराणसी के  ट्रेड फैसिलिटी सेंटर का नामकरण पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल हुआ है।

 हैंडलूम के संरक्षण, संवर्द्धन और विस्तार के देश भर में अपनी तरह के इस अनूठे केंद्र के प्रति प्रधानमंत्री की खास रुचि ही रही कि साल भर देर से निर्माण शुरू होने के बावजूद इसे निर्धारित समय से पहले ही बनाकर तैयार कर दिया गया।
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लोकार्पण के बाद इस चमचमाते सेंटर में काशी का ताना-बाना झलकेगा, साथ ही पूर्वांचल भर के हैंडलूम उत्पादों की चमक पूरी दुनिया के लिए आकर्षण बनेगी।
यहां एक ही छत के नीचे न केवल बुनकर शिल्पी अपने उत्पाद की प्रदर्शनी लगा सकेंगे बल्कि क्रेता-विक्रेता के बीच सीधा व्यापार होगा। इस केंद्र के जरिए आसपास के राज्यों के शिल्पियों, बुनकरों को भी लाभ पहुंचेगा।

विश्व प्रसिद्ध बनारसी सिल्क और हथकरघा से संबद्ध 20 हजार हैंडलूम के जरिए साठ हजार बुनकरों की आजीविका जुड़ी है। संग्रहालय में राजशाही शेरवानी, पगड़ी के अलावा शाही ठाट-बाट का अहसास सैलानी कर सकेंगे।

काशी के धार्मिक-आध्यात्मिक महत्व और रामनगर की रामलीला के बारे में भी यहां लोग जान सकेंगे। चहारदीवारी के अंदर खुले में भी हस्तशिल्प का डिस्प्ले किया जाएगा।  टीएफसी में काशी का डिजिटल रूप बायर्स के साथ ही सैलानियों के लिए भी बेहद खास होगा।

वे उसे लाइव महसूस कर सकेंगे। यह भविष्य में नया पर्यटन स्पॉट बनकर उभरेगा। कला, शिल्प को पसंद करने वालों के साथ ही खान-पान के शौकीन लोगों के लिए  यह सेंटर आकर्षण का केंद्र बनेगा। भव्य लाइटिंग यहां शाम के नजारे को और मनमोहक बनाती है।
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थ्रीडी इफेक्ट के जरिए कालीन का डिजिटल डिस्प्ले

trade facility cantre - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री मोदी के हाथों लोकार्पण के लिए तैयार देश के अनूठे ट्रेड फैसिलिटी सेंटर में काशी के कला-संगीत और शिल्प का डिजिटल रूप पूरी दुनिया को लुभाएगा। काशी की कला-संस्कृति और शिल्प के परंपरागत और डिजिटलाइज रूप दोनों को एक साथ परोसने का शानदार प्रयास आप एकबारगी देखते रह जाएंगे।

थ्रीडी इफेक्ट के माध्यम से भदोही की कॉलीन का ऑटोमैटिक डिजिटल डिस्प्ले बेहद खास है। सेंसर आधारित डिस्प्ले हॉल में देशी-विदेशी बायर्स (खरीदार) के आते ही एक से एक कॉलीन उनकी आंखों के सामने होंगे।

जैसे ही वह एक कदम आगे-पीछे होंगे, पहली की  जगह दूसरी डिजाइन का कॉलीन डिस्प्ले होने लगेगा। 10 कॉलीन डिस्प्ले में लगाए गए हैं जबकि तीन स्थानों पर थ्री डी इफेक्ट के जरिए फर्श पर कॉलीन प्रदर्शित होंगे। इसी तरह, काशी की संगीत परंपरा, वाद्य यंत्र और गंगा घाटों का डिजिटल डिस्प्ले भी अपने आप में अनूठा है। 

ट्रेड फैसिलिटी सेंटर (टीएफसी) स्थित म्यूजियम के अलग-अलग डिजिटल डिस्प्ले में काशी की प्राचीनता और इतिहास से उसके कला-शिल्प तक सब कुछ समेटने की कोशिश की गई है।

शिल्प उत्पादों के साथ ही संगीत परंपरा, खान-पान और काशी की ऐतिहासिकता-पौराणिकता से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। चमचमाते कांच के घेरे में खूबसूरत प्रकाश संयोजन के बीच काशी की संगीत परंपरा से जुड़े विभिन्न वाद्य यंत्र भी रखे गए हैं। इनके समक्ष दो छोटा और एक बड़ा डिजिटल डिस्प्ले है। 
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