शिक्षक भी करेंगे सहयोग
इनोवेशन सेल के समन्वयक डॉ. मनीष अरोरा के मुताबिक जो कार्यक्रम तैयार कराया गया है, उसमें छात्रों के विचारों पर शिक्षक भी सहयोग करेंगे। छात्रों को उद्यमिता विकास, बिजनेस मॉडल, प्रोटोटाइप तैयार करने आदि पर नए-नए विचारों से जोड़ा जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर पूरी तरह मदद की जाएगी। जिससे नए कार्य में वह बढ़-चढ़कर भागीदारी कर सकें।
विशेष कार्यक्रम में ये विषय हैं शामिल
एंटरप्रेन्योरशिप
इनोवेशन
स्टार्ट अप एंड रिलेटेड इकोसिस्टम
बिजनेस मॉडल कैनवॉस
प्रूफ आफ कांसेप्ट
प्रोटोटाइप डेवलपमेंट
फंडिंग
इंस्पारनेशनल टॉक
इन क्षेत्रों में रहेगा विशेष जोर
-उद्यमिता विकास के क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों को नए विचार आधारित काम होंगे।
-विश्वविद्यालय में बिजनेस मॉडल, स्टार्ट अप आदि की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
-छात्रों के विचारों पर तैयार मॉडल को देखने के लिए उद्यमियों को आमंत्रित किया जाएगा।
-विचारों को एक बेहतर प्लेटफार्म मिलेगा, जहां छात्र नवाचार को प्रदर्शित कर सकेंगे।
उद्यमिता विकास के क्षेत्र में बीएचयू इंस्टीट्यूशन इनोवेशन सेल की यह सराहनीय पहल है। इससे उद्योग की तरफ युवा उन्मुख होंगे। उनके विचारों से उद्यमिता जगत में उद्यमशीलता और विकास की दृष्टि को नई राह मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही लोकल फार वोकल को भी बढ़ावा मिलेगा। -आरके चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, इंडियन इंड्रस्ट्रीज एसोसिएशन
15 जनवरी तक करा सकेंगे पंजीकरण
जनवरी से अक्तूबर तक चलने वाले इस विशेष कार्ययोजना में प्रतिभाग करने के लिए छात्र-छात्रा 15 जनवरी तक पंजीकरण करा सकेंगे। इसके साथ ही किसी तरह की जानकारी भी दृश्य कला संकाय स्थित इंस्टीट्यूटशन इनोवेशनल सेल के समन्वयक डॉ. मनीष अरोरा से प्राप्त की जा सकती है।