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अनदेखी: प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन में बच्चों की संख्या 99, इसमें पुलिस के सिर्फ दो बच्चे

Mon, 23 Feb 2026 03:10 PM IST
प्रगति चंद अभिषेक मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में पुलिस लाइन के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की संख्या 99 है, लेकिन इसमें पुलिस के सिर्फ दो बच्चे शामिल हैं। इसकी वजह है कि अभिभावक सरकारी विद्यालयों पर भरोसा नहीं जता पा रहे हैं। ऐसे में बुलावा अभियान चलाया जा रहा है। 
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School - फोटो : Freepik
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विस्तार
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प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए नित नए इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए विशेष बुलावा अभियान भी चलाया जा रहा है। बच्चों को मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही कॉपी, किताब, ड्रेस के अलावा मिड-डे मील के तहत पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। फिर भी अभिभावकों का भरोसा प्राथमिक विद्यालयों पर नहीं हो पा रहा है। इसका प्रमाण पुलिस लाइन में स्थित प्राथमिक विद्यालय है, जहां कुल 99 बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें पुलिसवालों के सिर्फ 2 बच्चे हैं।

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जिले में 1143 प्राथमिक विद्यालयों में करीब 1.50 लाख बच्चे पढ़ते हैं। सभी विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम है। इस संख्या को बढ़ाने के लिए निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी अपेक्षानुसार वृद्धि नहीं हो रही है। इसका एक कारण यह भी है कि सरकारी कर्मचारी, उद्योगपति, व्यापारी हों या आम आदमी, कोई भी अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में पढ़ाने की बजाय कॉन्वेंट स्कूलों में भेजना चाहता है।

इसका प्रमाण पुलिस लाइन परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय है, जहां कुल छात्र संख्या 99 है। इस विद्यालय के आसपास केवल पुलिसकर्मी रहते हैं, लेकिन यहां केवल दो बच्चे ही पुलिस परिवार से हैं। सबसे अधिक बच्चे पांडेयपुर और महावीर मंदिर के आसपास रहने वाले सफाई कर्मचारियों के हैं, जिनकी संख्या करीब 50 है। 
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विद्यालय की प्रधानाचार्य मधुर श्रीवास्तव ने बताया कि बुलावा अभियान के तहत हर साल छात्रों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इस साल भी बच्चों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस परिवार से भी बच्चों का दाखिला कराने को लेकर अपील की जा रही है।

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अधिकारी बोले

किसी भी बच्चे की शिक्षा का चयन करना उसके अभिभावक पर निर्भर है। प्राथमिक विद्यालय में बच्चों का एडमिशन कराने के लिए इस सत्र से कर्मचारियों से बात की जाएगी। प्रवेश बढ़ाने को बीएसए व शिक्षकों को संवाद स्थापित करने को कहा जाएगा। -प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा
मार्च में परीक्षाएं समाप्त होंगी। अगले सत्र में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाएंगे। इसके लिए मैं खुद भी पुलिस से समन्वय स्थापित करूंगा। साथ ही कर्मचारियों और शिक्षकों को भी सभी पुलिसकर्मियों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर नामांकन बढ़ाया जाएगा। -अनुराग श्रीवास्तव, बीएसए
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