प्रवासी भारतीय दिवस के समापन समारोह में बोलत राष्ट्रपति
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत को एक अरब विचारों और अवसरों का देश बताते हुए प्रवासियों को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया। आमंत्रण देते हुए कहा, प्रवासी भारतीय सोच, संस्कृति और सभ्यता का दुनिया भर में प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, इसलिए नए भारत के निर्माण में उनका योगदान निश्चित तौर पर सराहनीय होगा।
राष्ट्रपति बुधवार को वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। दुनिया के 90 देशों से आए भारतीय मूल के नागरिकों से उन्होंने कहा, दुनिया में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय हैं। उनका इतिहास भी प्रवासियों की तरह ही समृद्ध है।
कड़ी मेहनत के बल पर प्रवासी भारतीयों ने सफलता की मिसाल कायम की और दुनिया में भारत के चेहरे के रुप में पहचान बनाई है। दिल से भारतीय बने रहने के उनके योगदान और उपलब्धियों पर देश को गर्व है। कहा, दुनिया भर लोगों को ज्ञान-प्रदाता और पर्यटक के रूप में भारत लाने के लिए प्रवासी भारतीय हमारी ताकत हैं। हम कल के ब्रेन-ड्रेन को आज के मस्तिष्क-लाभ में बदलना चाहते हैं।
भारत की सांस्कृतिक परंपरा और विविधता के साथ प्रवासी विश्व में कई क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे हैं। ऐसे में दुनिया भर में बसे प्रवासी भारतीयों की जिम्मेदारी है कि वह अपनी एकता को संरक्षित कर मजबूत करें। इस मौके पर राष्ट्रपति ने विभिन्न क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले 30 मेहमानों को प्रवासी भारतीय सम्मान अवार्ड प्रदान किया।
मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवींद जुगनाथ ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और समापन समारोह में मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राज्यपाल राम नाईक, उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह मौजूद रहे।
काशी महात्म्य के जरिए जड़ों से जुड़ेंगे प्रवासी
प्रवासी दिवस समापन समारोह
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बनारस में प्रवासी भारतीय सम्मेलन को दुनिया भर से आए लोगों के लिए खास बताया। कहा, सम्मेलन के कारण उन्हें काशी में दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता और प्रयागराज के दुर्लभ कुंभ के दर्शन का अवसर मिला है।
उन्होंने काशी को भारतीय मान्यता, संगीत, नृत्य और आध्यात्मिकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस महात्म्य को जान कर प्रवासी अपनी जड़ों से जुड़ेंगे। राष्ट्रपति ने कहा, हमारे पूर्वजों ने व्यापारियों और भिक्षुओं के रूप में दक्षिण पूर्व एशिया की यात्राएं कीं। एक सदी के पहले भारत के लाखों लोगों ने सात समंदर पार के लोगों को देखा था।
अब तेजी से बदलते घटनाक्रमों में युवा सबसे आगे हैं। हमें अपने बंधन मजबूत करने के लिए उनके विचारों को सुनना चाहिए। विभिन्न क्षेत्रों में जारी व्यापक परिवर्तन भारत को दुनिया में सुपर पावर के रुप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रपति ने विदेशों में भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता, ई-वीजा, पासपोर्ट एप, ई-माइग्रेंट प्लेटफार्मो का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में प्रवासियों का भारत आना, रहना और काम करना आसान होने वाला है।
पिछले चार वर्षो में सरकार ने 90 हजार से अधिक भारतीयों को बचाया है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का उल्लेख कर राष्ट्रपति ने कहा, इस वर्ष इस आयोजन के चलते प्रवासियों के लिए यह खास मौका है। आयोजन की शुरुआत करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के प्रयासों को भी याद किया।