कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ परिवार के जिम्मेदार पदाधिकारियों के अलावा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी शामिल होने के लिए सहमति जताई है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम की जानकारी पत्र के माध्यम उनके कार्यालय द्वारा सेवा समर्पण संस्थान के सह संगठन मंत्री आनंद उपाध्याय को दी गई है।
अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति कैम्पस में बने कुछ भवनों का उद्घाटन भी कर सकते हैं। वे शुरू से ही प्रकल्प से जुड़े रहे हैं और उनकी रुचि भी इस प्रकार के कार्यों में रही है। राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर जिला प्रशासन की तरफ से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
18 समितियों का किया गया गठन
सेवा कुंज आश्रम चपकी कारीडाड में बिरसा मुंडा की जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों को सकुशल कराने के लिए कुल 18 समितियों का गठन किया गया है। जो अपने विभिन्न दायित्वों के अनुसार कार्यक्रम को संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
वनवासी समागम कार्यक्रम के संयोजक विमल सिंह बनाए गए हैं, जो सदस्य सेवा समर्पण संस्थान काशी प्रांत के सदस्य भी हैं। सह संयोजक रामसकल सांसद राज्यसभा व सह संयोजक सूर्यदेव को बनाया गया है।
1978 में हुआ सेवा के जागरण प्रकल्पों का आरंभ
जिला कार्यसमिति सदस्य आलोक कुमार चतुर्वेदी के मुताबिक अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध सेवा समर्पण संस्थान के सेवा प्रकल्पों का प्रारंभ वर्ष 1978 ध्रुव विद्यालय कचनरवा में हुआ।
कालांतर में यह यात्रा शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन व स्वाभिमान जागरण के सेवा केंद्रों द्वारा सोनभद्र ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी वनवासी जिलों तक पहुंची। इसी क्रम में वर्ष 1990 में भाऊराव देवरस सेवा केंद्र डाला व वर्ष 1999 में सेवा कुंज आश्रम चपकी अस्तित्व में आया।