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काशी के अडिग ने ठोकी राष्ट्रपति चुनाव में ताल, बहुत मजेदार है इनकी कहानी

Fri, 23 Jun 2017 02:21 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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नरेंद्र नाथ दूबे अडिग - फोटो : अमर उजाला
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अगले माह की 17 तारीख को राष्ट्रपति पद के लिये होने वाले चुनाव में एनडीए ने रामनाथ कोविंद को अपना प्रत्याशी ऐलान कर दिया है मगर प्रमुख दलों की ओर से अभी तक कोई नामांकन दाखिल नहीं हुआ है। इन सबके बीच बनारस के एक शख्स ने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
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पांचवीं बार राष्ट्रपति चुनाव के लिए नरेंद्र नाथ दूबे अडिग ने पर्चा भरा है। समर्थन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को छोड़कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मुलायम सिंह यादव, सोनिया गांधी, लालू प्रसाद यादव, शरद पवार को नामांकन सेट फार्म भेजा है।

गुरुवार को मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में अडिग ने कहा कि पश्चिम बंगाल और बिहार के 120 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि 1984 से लगातार लोकसभा, विधानसभा और स्नातक चुनाव और उपचुनाव लड़ते आ रहे हैं।
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केसरिया कपड़ा पहनने के सवाल पर कहा कि मेरे आत्मा में केसरिया बसा है लेकिन मैं भाजपा से कोई लेना देना नहीं है। बीते राष्ट्रपति चुनाव में पर्चा खारिज होने के सवाल पर कहा कि हस्ताक्षर मिलान में गड़बड़ी के चलते हुआ था।

जिन लोगों ने एफआईआर कराया था उन लोगों ने पूछताछ में कहा कि एफआईआर नहीं कराया है। इसके बाद मामला रफा दफा हो गया है। समर्थन और प्रस्तावकों के सवाल पर कहा कि पश्चिम बंगाल और बिहार के जनप्रतिनिधियों का समर्थन है।

इस संबंध में पश्चिम बंगाल की विधायक प्रेमा चौधरी से बातचीत हुई है। प्रेसवार्ता के दौरान विश्व गुरु भारत परिषद के इंद्रजीत सिंह निर्भीक की ओर से अडिग को सम्मानित किया गया। उन्हें केसरिया अंगवस्त्रम और माला पहनाया गया। 
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1984 से लगातार हैं मैदान में

नरेंद्र नाथ दूबे अडिग - फोटो : अमर उजाला
एमए, एलएलबी की पढ़ाई कर चुके नरेंद्र नाथ दूबे अडिग 1984 में वाराणसी के एक विधानसभा सीट से चुनाव लड़े। तब से लेकर आज तक जितने भी विधानसभा, लोकसभा, स्नातक विधान परिषद और उपचुनाव हुए सभी में नामांकन किया।

इसके आलावा दो बार राष्ट्रपति और एक बार उप राष्ट्रपति का नामंकन किया, लेकिन हर बार मामला खारिज हो गया। सबसे खास बात यह है कि जितने भी चुनाव लड़े उनमें से कुछ किन्हीं कमियों के कारण रद्द हो गए, बाकि जो पूरे हुए उनमे से किसी में जमानत तक जब्त हो गई।

दरअसल राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सत्ता और विपक्ष की ओर से अभी तक कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया है, लेकिन राष्ट्रपति बनने का सपना देखने वाले ऐसे दो दर्जन धरती पकड़ सरीके उम्मीदवार नामांकन दाखिल करके अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।

बता दें कि लोकसभा सचिवालय के अनुसार अभी तक राष्ट्रपति पद के लिये 17 जुलाई को होने वाले चुनाव के लिए गत 14 जून से नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 28 जुलाई तक चलेगी। अभी तक इस पद के लिए 25 नामांकन पत्र दाखिल किये गये हैं। इन नामांकनों में से कई नामांकन पत्रों को रद्द होना तय माना जा रहा है। 

गौरतलब है क‌ि राष्ट्रपति चुनाव के बहाने एकजुट होने की कोशिश में जुटे विपक्ष पर पीएम मोदी का कोविंद दाव भारी पड़ गया है। उनका दांव इतना सटीक बैठा है कि विपक्षी एकती की मुहिम शुरू करने वाले जदयू के मुखिया और बिहार सीएम नीतीश कुमार खुद एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के पक्ष में खड़े हो गए। रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है। 
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