वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र कुमार को वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा जाएगा। इनके अलावा, आईजी बरेली विजय सिंह मीना समेत उत्तर प्रदेश के सात अन्य पुलिस अधिकारियों को भी राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इन पुरस्कारों की घोषणा नई दिल्ली में की गई।
जारी सूची के मुताबिक एसएसपी जोगेंद्र कुमार समेत पांच पुलिसकर्मियों को 2012 में मऊ में हुई मुठभेड़ में उनके साहस और नेतृत्व के लिए यह पदक दिया जा रहा है। वहीं एसपी प्रोटोकाल डीपीएन पांडेय, भुल्लनपुर स्थित पीएसी 34 वाहिनी के उप सेनानायक कैलाश सिंह, मिर्जापुर में तैनात एएसपी अजय कुमार सिंह, गाजीपुर में तैनात एएसपी सुनील कुमार सिंह एवं चंदौली में हेड कांस्टेबल गणेश राम को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक दिए जाने की घोषणा की गई है।
मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के अवस्था इब्राहिम उर्फ मठिया गांव में 18 अप्रैल 2012 को करीब पांच घंटे तक चली मुठभेड़ में दो बदमाश धीरज सिंह और विकास सिंह मारे गए थे। इसमें मठिया निवासी ग्रामीण रामजी के अलावा मऊ के शहर कोतवाल गोविंद सिंह शहीद हुए थे। गोविंद सिंह को मरणोपरांत पिछले साल पुलिस पदक सम्मान दिया गया था।
मुठभेड़ का नेतृत्व करने वाले मऊ के तत्कालीन एसपी जोगेंद्र कुमार, आजमगढ़ के तत्कालीन डीआईजी/एसएसपी विजय सिंह मीना, उनके गनर अशोक कुमार, तत्कालीन चिरैयाकोट थानाध्यक्ष बिंद कुमार, एसआई शशिभूषण राय को रविवार को वीरता के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई। शशिभूषण और बिंद कु मार वर्तमान में जौनपुर में तैनात हैं।
जोगेंद्र कुमार एसएसपी वाराणसी और विजय सिंह मीना बरेली जोन के आईजी हैं। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि टीम वर्क की वजह से पुलिस को मुठभेड़ में सफलता मिली थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी मुठभेड़ को क्लीन चिट दी थी। पुलिस पदक सम्मान दिए जाने की घोषणा से फोर्स का मनोबल बढ़ेगा।