मां अन्नपूर्णा के दरबार में आकर्षण तब और खास हो गया जब केरल से आए पंद्रह सदस्यीय दल के कलाकारों ने वाद्य यंत्र बजाया। मंदिर परिसर में इनकी साधना से हर कोई प्रभावित होता हुआ दिखाई दिया।
दक्षिण भारतीय कलाकारों का एक दल वाराणसी में संगीत साधना कर रहा है मां अन्नपूर्णा के दरबार में इन्होंने अपने वाद्य यंत्र की प्रस्तुती दी और सबका मन मोह लिया। बताते चलें कि पिछले दिनों बाबा श्री काशी विश्वनाथ के धाम में भी इन्होंने वाद्य यंत्र बजाया था अब इस प्रस्तुती के बाद इनकी साधना को नया रूप मिला है।
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केरल से 15 सदस्यीय लोग इस दल में शामिल हुए हैं और काशी चूंकि महादेव की नगरी है और ये कहा जाता है कि इनका एक रूप नटराज का भी है। मान्यता है कि इस धरती पर की गई साधना साधक को अमरता का वरदान देती है लिहाजा पहले बाबा और फिर मां के दरबार में कला का प्रदर्शन किया गया। वाद्य यंत्रों पर गौर करें तो इसमें शंख, घंटा, ढोल, और नगाड़े शामिल हैं।