आजमगढ़ में शराब माफिया मुलायम यादव उर्फ सुरेंद्र की करीब पौने दो करोड़ की संपत्ति जब्त करने के आदेश के समय सीमा तक कोई आपत्ति न आने पर अब प्रशासन संपत्ति जब्त करने की तैयारी में जुट गया।
17 अक्तूबर 2013 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव में जहरीली शराब पीने से 56 लोगों की मौत हुई थी। जांच पड़ताल के बाद केरमा गांव निवासी मुलायम यादव उर्फ सुरेंद्र को आरोपित किया।
काफी दिनों तक जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा होने के बाद वह दुबारा बृहद पैमाने पर कारोबार में जुट गया था। सात जुलाई 2017 को रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया, जीयनपुर के अजमतगढ़ नगर पंचायत और बिलरियागंज में जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हो गई।
इसका भी मुख्य आरोपी मुलायम उर्फ सुरेंद्र है। मुलायम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उस पर गैगेंस्टर लगा दिया। गैंगेस्टर की कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद पुलिस ने मुलायम की संपत्ति जब्त करने के लिए पूरा विवरण जुटाया।
एसओ मुबारकपुर अनुप शुक्ला की तरफ से तैयार रिपोर्ट में मुलायम की करीब पौने दो करोड़ रुपये की संपत्ति का ब्यौरा सौंपा गया। 19 सितंबर को पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम चंद्रभूषण सिंह ने मुहर लगा दी। साथ ही पंद्रह दिन के भीतर आपत्ति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
मुलायम की संपत्ति कुर्क करने के लिए डीएम ने तहसीलदार सदर के नेतृत्व में चकबंदी विभाग के एसओसी और एसओ मुबारकपुर की संयुक्त टीम का गठन किया है।
शराब माफिया मुलायम यादव की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया पर मुहर लगने के बाद पुलिस मुलायम के साथी गनिका यादव के संपत्ति का ब्यौरा तैयार करने में जुट गई है। अब तक जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने करीब 80 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति का डाटा तैयार कर चुकी है।
एसडीएम, सदर प्रशांत कुमार का कहना है कि संपत्ति कुर्क करने का आदेश देने के साथ ही आपत्ति देने के लिए मुलायम और उसके परिवार को 15 दिन का समय दिया गया था। इस अवधि के भीतर अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। अब संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।