सरकारी विभागों की माया समझ से परे है। एक तरफ पर्यावरण को बचाने के लिए लाखों रुपये खर्च करके 73 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर शूटिंग रेंज के निर्माण के लिए 50 पेड़ों को काटने तैयारी की जा रही है। शूटिंग रेंज का बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास किया था। इसका कैंटोमेंट स्थित जिला रायफल क्लब में वरुणा नदी के किनारे निर्माण चल रहा है।
निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएनएल) ने 24 बेर, सात शीशम, दो यूकेलिप्टस, 17 सागौन, बबूल और कई अन्य पेड़ काटने के लिए वन विभाग को प्रस्ताव भेजा है। जबकि यही विभाग मंडलायुक्त कार्यालय बनाने के लिए वन विभाग के सहयोग से 73 पेड़ों को केंद्रीय कारागार शिवपुर में स्थानांतरित कर रहा है। इसके लिए दिल्ली से ट्री ट्रांसप्लांट मशीन भी मंगाई गई है।
एकीकृत मंडलीय कार्यालय की निर्माण में बाधा बने 73 पेड़ों को 10 लाख रुपये खर्च कर बनाने की कवायद जारी है। इसके लिए दिल्ली से ट्री ट्रांसप्लाट मशीन लाई गई है। अब तक कई पेड़ों को केंद्रीय कारागार शिवपुर स्थानांतरित कर दिया गया। बाकी के पेड़ों के स्थानांतरण काम चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर कैंटोमेंट स्थित जिला रायफल क्लब परिसर में पांच करोड़ चार लाख रुपये की लागत से बनने वाले दो मंजिला शूटिंग रेंज के निर्माण में बाधा बने 50 पेड़ों को काटने का प्रस्ताव भेजा गया है। यूपीआरएनएनएल के परियोजना अधिकारी राम विजय ने बताया कि शूटिंग रेंज के निर्माण में 50 से अधिक छोटे-बडे़ पेड़ काटने के लिए वन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
शूटिंग रेंज के निर्माण में बाधा बने कई पेड़ों को काटने के लिए यूपीआरएनएनएल की ओर से पत्र मिला है। इस संबंध में कार्य किया जा रहा है। जिन पेड़ों की सूची मिली है, उसके आधार उनकी जांच की जा रही है।
- महावीर कौजालगी, वनाधिकारी