वाराणसी शहर के जेनजी को विकास का पाठ पढ़ाने की तैयारी की गई है। इसमें आईआईटी बीएचयू और वीडीए मिलकर काम करेंगे। युवा पीढ़ी को समुचित नियोजन के महत्व से अभी से अवगत कराया जाएगा ताकि भविष्य में शहरों के समक्ष उत्पन्न होने वाली मूलभूत समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से किया जा सके।
जेनजी पीढ़ी के लोगों का जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ था। इस पीढ़ी के लोगों की वर्तमान उम्र लगभग 14 से 29 वर्ष के बीच है। ये पीढ़ी इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बीच बड़ी हुई है। वीडीए और आईआईटी (बीएचयू) के आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग विभाग की ओर से शहर के 115 कॉलेजों में अभियान चलेगा। इसमें शहरी नियोजन, मास्टर प्लान एवं नियोजित विकास के बारे में बताया जाएगा। बीएचयू के विशेषज्ञ तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएंगे।
वीडीए कार्यक्रमों के समन्वय के साथ मास्टर प्लान, नगर विकास परियोजनाओं, अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएंगे। कॉलेजों में संयुक्त रूप से व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार, संवाद सत्र एवं अध्ययन भ्रमण (अध्ययन भ्रमण) आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को वाराणसी मास्टर प्लान, ले-आउट एवं भवन मानचित्र की अवधारणा, मानचित्र स्वीकृति की आवश्यकता, ग्रीन बेल्ट से संबंधित प्रावधान, सिटी प्लान एवं अर्बन प्लानिंग के महत्व, पर्यावरण एवं विरासत संरक्षण जैसे विषयों से अवगत कराया जाएगा।