बिना मीटर लगाए बिजली खर्च करने वाले कर्मचारियों पर नकेल कसी जाएगी। अब उनके घरों में भी बिजली मीटर लगाए जाएंगे। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशक तकनीकी पीपी सिंह ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद कर्मचारियों से आख्या मांगी गई है।
शासन ने कर्मचारियों से उनके स्थायी पते पर लगाए गए मीटर की भी जानकारी मांगी है। कर्मियों को बिजली मीटर और बिल नंबर अनिवार्य रूप से देना होगा। आख्या नहीं भरने वालों की सैलरी भी रोकी जा सकती है। सभी जानकारी ईआरपी पर लोड की जाएंगी।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के पूर्वांचल सचिव नीरज बिंद ने बताया कि नई आख्या मांगकर समझौते का उल्लंघन किया जा रहा है। इसे हम लोग स्वीकार नहीं करेंगे। बताया कि विभाग हमारी सैलरी से बिजली का अनुमानित खर्च काटता है।
बिजली मीटर विवाद पुराना
अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव जगदीश पटेल के अनुसार कर्मचारियों के घर में बिजली मीटर लगाने का विवाद पुराना है। इसकी शुरूआत 2018 में हुई थी। कर्मचारियों के विरोध करने पर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था। आंदोलन के बाद वर्ष 2000 में बिजलीकर्मी और सरकार के बीच में समझौता हुआ था।