महिला को अस्पताल ले जाते
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रात सवा 11 बजे महिला अस्पताल में उसका इलाज शुरू हुआ, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह 6 बजे महिला ने दम तोड़ दिया। रिक्शे वाले ने इंसानियत दिखाते हुए मदद की लेकिन इंसान की रक्षक पुलिस डेड बॉडी ले जाने तक को तैयार नहीं हुई और छह घंटे बाद पुलिस कार्रवाई शुरू हुई।
पूरा मजमून कुछ यूं है कि गर्भवती महिला चांदनी (35) को मैदागिन निवासी रिक्शा चालक सोनू ने लावारिस मरीज के रूप में भर्ती कराया। अस्पताल में महिला का केवल नाम दर्ज था। इससे पुलिस शव लेने में आनाकानी करने लगी।
प्रमुख अधीक्षक, डॉ. आरपी कुशवाहा ने बताया कि लावारिस हालत में आई महिला का तुरंत इलाज शुरू किया गया। सुबह छह बजे मौत के बाद पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पहले पुलिस ले जाने को तैयार नहीं हुई। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद 12 बजे डेड बॉडी ले जाने को पुलिस तैयार हुई।