लखनऊ-बनारस इंटरसिटी ट्रेन के जनरल कोच में टॉयलेट के पास जूट के बोरे में जिस किशोरी का हाथ-पैर बंधा शव मिला था, वह गर्भवती थी। गुरुवार को किशोरी के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियो कैमरे के सामने दो घंटे में पोस्टमार्टम किया।
डॉक्टरों के अनुसार किशोरी चार से छह माह की गर्भवती थी। उसकी मौत गत 19 फरवरी की रात दम घुटने से हुई थी। उसके चेहरे को प्लास्टिक से इस तरह से कसा गया था कि वह सांस नहीं ले पाई। शव की स्थिति ठीक नहीं थी। जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
कपसेठी थाना क्षेत्र के भिटकुरी गांव की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा सेवापुरी स्थित एक इंटर कॉलेज में 11वीं में पढ़ती थी। छात्रा के पिता के अनुसार, गत 19 फरवरी सुबह 11 बजे उनकी बेटी एक सहेली के पास से किताब लाने की बात कहकर घर से निकली थी। काफी देर तक जब घर नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू की गई, लेकिन किशोरी का कोई पता नहीं लगा।
20 फरवरी की रात लखनऊ-बनारस इंटरसिटी ट्रेन बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर पहुंची। सफाई कर्मी ट्रेन के जनरल कोच में गए तो दो टॉयलेट के बीचोबीच उन्हें बोरे में हाथ-पैर बंधा शव मिला। 21 फरवरी की देर शाम शव की पहचान हुई और इसके साथ ही पिता की तहरीर पर कपसेठी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
सर्किट हाउस के सामने शव रख कर किया प्रदर्शन
पोस्टमार्टम के बाद किशोरी का शव सर्किट हाउस के पास रखकर परिजन और राष्ट्रीय उदय पार्टी के नेता व कार्यकर्ता प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना था कि किशोरी के गायब होने की एफआईआर दर्ज करने में देरी की गई। उनकी बेटी की हत्या की गई है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए। सूचना पाकर कचहरी चौकी इंचार्ज सौरभ पांडेय मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हो गए।