साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ठग नए-नए तरीके इजाद कर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहकर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं। साइबर एक्सपर्ट विनय श्रीवास्तव ने बताया कि डिजिटल पेमेंट के दौर में साइबर ठगी और भी आसान हो गई है। ठग रैंडम नंबरों पर फोन करते हैं और किसी इनाम या ऑफर का लालच देकर बैंक की डिटेल्स ले लेते हैं। इतना ही नहीं अपनी बातों में फंसाकर ओटीपी भी प्राप्त कर लेते हैं और पलक झपकते ही बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं। फेसबुक प्रोफाइल हैक कर रिश्तेदारों, परिचितों से आपदा में फंसे होने का झांसा देकर पैसों की मांग की जाती है।
कैसे करें बचाव
किसी भी तरह के ऑफर और लालच में ना आएं
अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में ना आएं
अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
फेसबुक, ट्विटर आईडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
कोई रुपयों की मांग करता है, तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगते हैं।
केस एक
बीएचयू के नदी विज्ञानी प्रो. बीडी त्रिपाठी के नाम से किसी ने नकली फेसबुक अकाउंट बनाकर परिचितों से पैसा मांगना शुरू कर दिया। परिचितों ने जब प्रो. त्रिपाठी से फोन कर उनका हालचाल लिया तो वह चौंक गए। उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत के बाद फोन और संदेशों के जरिये सभी को सतर्क किया।
केस दो
दशाश्वमेध घाट के दुकानदार सुरेश को जब उनके रिश्तेदार ने फोन कर पूछा कि आपकी तबीयत कैसी है और कितने रुपयों की जरूरत है तो वह चौंक पड़े। उन्होंने पूछा कि आपको किसने बताया, ऐसी कोई बात नहीं है। हम तो बिल्कुल स्वस्थ हैं। रिश्तेदार ने बताया कि आपने ही तो फेसबुक मेसेंजर के जरिये संदेश भेजकर पैसे मंगाए हैं। तब पता चला कि किसी जालसाज ने उनका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया है।