इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) वाराणसी में राजनीति शास्त्र के अध्यापकों की 2013 की भर्ती में अनियमितता के आरोप को लेकर दाखिल याचिका पर भारत सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व बीएचयू से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने डॉ. प्रवीण कुमार सिंह की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि भर्ती शुरू होने के बाद आयोग ने नियमों में बदलाव किया। चयन मानक में परिवर्तन किया गया। पुराने नियम व बाद के नियमों में भारी अंतर आ गया है। याची का कहना है कि पुराने नियम से उसका भी चयन हो सकता था। याची के अधिवक्ता ने कहा खेल के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते। चयन प्रक्रिया नियम विरुद्ध जारी है, जिसे चुनौती दी गई है।