विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया
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विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने बिहार के मंत्री के जय श्रीराम बोलने पर फतवा जारी करने के मुद्दे पर कहा कि देश का संविधान सर्वोपरि है। फतवा संविधान के खिलाफ है। फतवों के खिलाफ भी कानून बनना चाहिए।
सोमवार को जवाहर नगर स्थित रूंगटा आवास में ‘अमर उजाला’ से हुई बातचीत में तोगड़िया ने कहा कि कानून बनाकर ही राम मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।
बिहार में एनडीए सरकार के विश्वास मत वाले दिन विधानसभा परिसर में जय श्रीराम का नारा लगाकर सुर्खियों में आने वाले नीतीश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद के खिलाफ मुफ्ती ने फतवा जारी किया है।
फतवे के अनुसार मंत्री का निकाह भी रद्द किया गया है। इस घटना पर तोगड़िया ने कहा कि आवश्यक सामाजिक आदेश भी संविधान से ऊपर नहीं हो सकता।
राम मंदिर के सवाल पर कहा कि यह जमीन का प्रश्न नहीं, श्रद्धा का प्रश्न है। इतिहास गवाह है कि वार्ता से इस मसले का समाधान नहीं हो सकता। संसद में कानून बनाकर राम मंदिर का निर्माण कराया जाना चाहिए।
जिस तरह जीएसटी के लिए रात में संसद का विशेष सत्र बुलाया गया, वैसे ही राम मंदिर के लिए भी सत्र बुलाना चाहिए। तोगड़िया ने कहा कि जब तक पाकिस्तान को पूरी तरह नहीं खत्म किया जाएगा तब तक सीजफायर जैसा दुर्व्यवहार होता रहेगा। केरल में आरएसएस के कार्यकर्ता की हत्या चिंताजनक है।