कर्मचारियों की हड़ताल से वाराणसी जिले में बिजली का संकट और गहरा गया है। तमाम शहरी और ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां बिजली आपूर्ति ठप है। 24 से 36 घंटे से बिजली नहीं आई है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पेयजल का संकट है। फसलों की सिंचाई तक नहीं हो पा रही है। सरकारी नलकूप बंद पड़े हैं। दूसरी तरफ, बिजली कटाैती से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की कॉपियों का मूल्यांकन भी प्रभावित है। रामनगर प्रभुनारायण राजकीय इंटर कॉलेज की बिजली अचानक गुल हो गई। यह कॉलेज मूल्यांकन केंद्र बना है।
गुरुवार रात दस बजे से शुरू बिजली कर्मियों की सांकेतिक हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। शनिवार की देर शाम शहर के ज्यादातर हिस्से में अंधेरा छाया रहा। पुलिस व प्रशासन ने व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, लेकिन असफलता मिली। चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में ही शुक्रवार की रातभर बिजली नहीं आई। शनिवार की सुबह बिजली आई, लेकिन बार-बार कटौती की समस्या बनी रही।
वीआईपी इलाकों में भी संकट बरकरार
शनिवार की रात भी बिजली गुल रही है। मंडुवाडीह उपकेंद्र से जुड़े लहरतारा, भिटारी, हथियान वीर बाबा कालोनी न्यू बेदौली, लोहता, बौलिया, रोहनिया, शिवपुर, वरुणापार के अधिकांश मोहल्लों में भी बिजली संकट रहा। शिवपुर, पांडेयपुर, सुंदरनगर, भिखारीपुर व सारनाथ क्षेत्र में भी परेशानी रही। वीआईपी इलाकों में भी संकट बरकरार रहा।
मुख्यमंत्री दर्शन करने पहुंचे तो गुल रही बिजली
बाबा कालभैरव मंदिर में सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काल भैरव मंदिर जाकर दर्शन पूजन किया। हालांकि, मंदिर के गर्भगृह में अंधेरा छाया था। बिजली कटी हुई थी। मुख्यमंत्री ने अंधेरे में ही काशी के कोतवाल का दर्शन किया और उनकी आरती उतारी। मंदिर के पुजारी सदनलाल दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री शनिवार की सुबह लगभग 9:15 बजे मंदिर आए थे, तब बिजली कटी हुई थी।
बाबतपुर एयरपोर्ट पर भी गुल रही बिजली
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी बिजली संकट रहा। शुक्रवार आधी रात के बाद 3 बजे से लेकर शनिवार शाम 4 बजे तक बिजली गुल रही। इस दौरान तीन जनरेटर चलाया गया, तब जाकर सही ढंग से कामकाज हो सका। बिजली आपूर्ति के लिए एयरपोर्ट पर सोलर सिस्टम भी लगवाया गया है। शुक्रवार देर रात बिजली कटी तो शनिवार सुबह अधिकारी गजोखर उपकेंद्र पहुंचे। किसी तरह शाम 4:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। एयरपोर्ट की निदेशक अर्यमा सान्याल ने इस बारे में पूछे जाने पर बताया कि बिजली कटौती से कोई परेशानी नहीं हुई है।
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जगह-जगह लोगों का फूट रहा गुस्सा
बिजली कर्मियों की हड़ताल से व्यवस्था चरमराई
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बिजली कटौती से लोग बिलबिला गए हैं। अब गुस्सा भी फूट रहा है। तमाम क्षेत्रों में लोग सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया। बिजली निगम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। जाम लगाया। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है। कैंट रेलवे स्टेशन के सामने 40 घंटे से बिजली गुल हाेने का आरोप लगाकर लोगों ने धरना दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
शिवपुर में लोगों ने कटौती के विरोध में चक्का जाम किया। उनका कहना था कि उपकेंद्रों पर कोई फोन नहीं उठा रहा है। इससे राहत नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार की आधी रात गिलट बाजार, रोहनिया आदि जगहों पर लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। हथियान वीर बाबा कालोनी के मुकेश चौरसिया, मुकेश बारी, कन्हैया बारी, सोनू सिंह, अमरनाथ, उमाशंकर, निक्की रावत आदि ने बताया कि बिजली न होने से पानी का संकट अधिक है। लोगों को समझाने में पुलिस कर्मी परेशान दिखे।
अंधेरे में सरकारी अस्पताल भी
वाराणसी में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
बिजली कर्मियों की हड़ताल अब मरीजों की जान पर बन आई है। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में शनिवार की शाम करीब सवा छह बजे से ही बिजली गुल रही। अस्पताल में जनरेटर भी नहीं चल सका। इससे अस्पताल परिसर में प्रवेश द्वार के साथ ही वार्डों में अंधेरा छाया रहा। करीब घंटे भर बाद किसी तरह जनरेटर चला, तब जाकर वार्ड में उजाला हुआ।
मंडलीय अस्पताल, महिला अस्पताल कबीरचौरा में भी बिजली कटी। यहां जनरेटर चलाकर मरीज व उनके तीमारदारों को राहत पहुंचाई जा रही है। शासन की ओर से सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश हैं। इसके बावजूद अस्पतालों की बिजली बाधित रही। दीनदयाल अस्पताल में करीब एक घंटे तक बिजली नहीं आई।
कर्मचारियों का विरोध जारी, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी अधिकारियों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रबंध निदेशक कार्यालय पर समिति के मीडिया सचिव व प्रभारी अंकुर पांडेय ने कहा कि एक ओर सरकार हमारी मांगों को नहीं मान रही हैं, दूसरे अपने हक के लिए आंदोलन करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। यह अन्याय है। कई जगहों पर उपकेंद्रों पर मौजूद एसएसओ को जबरन पुलिस से पकड़वा कर काम कराने का दबाव बनाया जा रहा है। अगर इस तरह की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा। अगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।
हड़ताल के लिए गलत नीतियां जिम्मेदार: कांग्रेस
कांग्रेस का प्रदर्शन
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कांग्रेस ने शनिवार को प्रदर्शन किया। लहुराबीर आजाद पार्क में प्रदर्शन के दौरान प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि बिजली कर्मियों की हड़ताल के लिए प्रदेश सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। कर्मचारियों और जनता के हित को देखते हुए जल्द ही उचित समाधान करना चाहिए। बिजली और पानी के लिए हाहाकार मचा है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, मकसूद खां, सीताराम केशरी,अब्दुल हमीद उपस्थित रहे।