पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
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पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि भारत में पहला पोस्टकार्ड 1869 में जारी किया गया। हल्के भूरे रंग में छपे इस पहले पोस्टकार्ड की कीमत तीन पैसे थी और इस कार्ड पर ‘ईस्ट इंडिया पोस्टकार्ड’ छपा था। बीच में ग्रेट ब्रिटेन का राजचिन्ह छपा था। इसे लोगों ने हाथोंहाथ लिया। तब साल की पहली तीन तिमाही में ही लगभग 7.5 लाख रुपए के पोस्टकार्ड बेचे गए थे।
डाकघरों में चार तरह के पोस्टकार्ड मिलते रहे हैं - मेघदूत पोस्टकार्ड, सामान्य पोस्टकार्ड, प्रिंटेड पोस्टकार्ड और कम्पटीशन पोस्टकार्ड । ये क्रमश : 25 पैसे, 50 पैसे, 6 रूपये और 10 रूपये में उपलब्ध हैं। कम्पटीशन पोस्टकार्ड फिलहाल बंद हो गया है। इन चारों पोस्टकार्ड की लंबाई 14 सेंटीमीटर और चौड़ाई 9 सेंटीमीटर होती है। पोस्टकार्ड न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि तमाम सामाजिक-साहित्यिक- धार्मिक -राजनैतिक आंदोलनों का गवाह रहा है।
भारत में पोस्टकार्ड की आधिकारिक शुरुआत जुलाई, 1879 से ही मानी जाती है। लेकिन आज तेजी से भागती-दौड़ती दुनिया में पोस्टकार्ड कहीं पीछे छूटता जा रहा है। जिस पोस्ट कार्ड का इस्तेमाल कभी प्यार का इजहार करने और एक दूसरे से जानकारी साझा करने के लिए किया जाता था आज उसकी जगह ईमेल, एसएमएस, ट्विटर, व्हाट्सएप और फेसबुक ने ले ली है।