नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना और वार्ड आरक्षण की अंतिम सूची जारी होने के बाद दावेदारों ने चुनावी समर में ताल ठोकनी शुरू कर दी है। वार्डों में चुनावी हलचल बढ़ गई है। सभी दावेदार नए परिसीमन और आरक्षण सूची के हिसाब से वार्डों में अपनी गणित बैठाने की जुगत कर रहे हैं।
हालांकि अभी किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल की ओर से प्रत्याशियों के नाम की घोषणा न होने से दावेदार और मतदाता दोनों असमंजस में हैं लेकिन माहौल में सियासी रंग घुलने लगा है। नगर निकाय चुनाव में दावेदारों ने जनसंपर्क के साथ ही मुहल्लों से लेकर चट्टी-चौराहों तक बैठकी शुरू कर दी है।
मतदाताओं में भी कयासबाजी शुरू हो गई है। हर जगह यही चर्चा है कि कौन प्रत्याशी होगा, कौन किस पर भारी पड़ेगा, किस वार्ड से किस पार्टी को कितने वोट मिलेंगे...।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए चक्कर काट रहे दावेदार
ऐसे मतदाता जो चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, मतदाता सूची से किन्हीं कारणों से नाम कट जाने के चलते वे अब नाम जुड़वाने के लिए विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी आरआर वर्मा का कहना है कि अब तक ऐसे 50 आवेदन आए हैं जिन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म भरकर जमा किया है।
इस बार नजर आ सकते हैं कई युवा चेहरे
रामनगर नगरपालिका परिषद की सभासद की 25 सीटों पर इस बार कई युवा चेहरे चुनावी मैदान में नजर आ सकते हैं। टिकट के लिए मशक्कत जारी है। भाजपा, कांग्रेस, सपा जैसी पार्टियों में लगभग हर वार्ड से टिकट के दावेदारों की संख्या आधा दर्जन से अधिक है। ऐसे में टिकट फाइनल करने में वरिष्ठ नेताओं के पसीने छूट रहे हैं।
गंगापुर म्रें समीकरणों पर माथापच्ची
गंगापुर नगर पंचायत में चुनावी सरगर्मी के बीच भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा सहित अन्य पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने मंथन शुरू कर दिया है। जीत की जमीन तैयार करने के लिए रणनीतिक ताना-बाना बुना जा रहा है। कई दौर की बैठकों के बाद भी भाजपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। जबकि, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष और सभासद पद के लिए प्रत्याशी घोषित किए जा चुके हैं। ऐसे में अब सबकी नजरें भाजपा पर टिकी हैं।