पुलिस अभिलेखों एवं स्थानीय जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी अमित सिंह उर्फ टाटा उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधियों की मिलीभगत से कोडीन युक्त कफ सिरप एवं अन्य नशीली औषधियों का व्यापार एक संगठित अवैध नेटवर्क के रूप में संचालित कर रहा था। यह अवैध व्यापार देश-विदेश के युवाओं में नशे की लत फैलाने का कारण बना।
यह सारी आपराधिक गतिविधियां प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में चलाई जा रही थीं, जिससे कानून-व्यवस्था व शासन-प्रशासन की विफलता के संकेत मिलते हैं। आश्चर्य है कि शिकायतकर्ता द्वारा वर्ष 2021 से 2023 तक विभिन्न संवैधानिक कानूनी संस्थाओं को भेजी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके अतिरिक्त नशीली दवाओं के अवैध व्यापार की सप्लाई चेन पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखी गई। आरोपी लंबे समय तक स्थानीय प्रशासनिक व राजनीतिक संरक्षण में सक्रिय रहा। ऐसे में मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।