डॉ. आलोक को बिस्किट देते इंस्पेकटर
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उधर कैंट थाना क्षेत्र में एक रसूखदार शख्स की पत्नी की मौत होती है। 20 दिनों पहले बेटी का पिता अपने दामाद पर बेटी की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराता है और सीएम से लेकर एसपी तक से न्याय की गुहार लगाता है। इसके बाद पति को न्यायालय भी फरार घोषित करता है।
इसी बीच 23 दिन बाद वह पुलिस के सामने पेश होता है तो उसके सम्मान में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाती है। उसे इंस्पेकटर के बराबर की कुर्सी पर बैठा कर बाकायदे चाय-नाश्ता पूछा जाता है।
यहां तक कि पूछताछ करने वाले इंस्पेक्टर खुद आरोपी को बिस्किट परोसते हैं। उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता है। इसी बीच उसके करीबी लोग समाचार संकलन के लिए गए पत्रकारों से पुलिस के सामने ही बदसलूकी करते हैं। लेकिन पुलिस मूकदर्शक बन कर बैठी रहती है।