सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने इन लोगों को कॉलोनी के बाहर नहीं निकलने दिया। एक घंटे तक नोकझोंक और नारेबाजी हुई। सपा सांसद बोले आप नहीं जाने दोगे तो मैं यही धरने पर बैठ रहा हूं। आप लोग सबको गिरफ्तार करिये।
एडीएम सिटी आलोक वर्मा की मौजूदगी में पुलिस बल ने कॉलोनी के बाहर सपा कार्यकर्ताओं को निकलने नहीं दिया। गेट पर बैरिकेडिंग, रस्सी लगाकर उन्हें रोके रखा गया। एक घंटे बाद सांसद ने पांच लोगों के साथ दालमंडी जाने की अनुमति मांगी तो प्रशासन उस पर भी तैयार नहीं हुआ।
वीआईपी मूवमेंट के नाम पर 10 नवंबर तक की मोहलत मांगी। इस पर सांसद ने कहा कि 10 दिन तक एक भी हथौड़ा दालमंडी में नहीं चलना चाहिए। इस पर सहमति बनी। तय हुआ कि 10 नवंबर को दोपहर एक बजे सपा का प्रतिनिधिमंडल दालमंडी जाएगा।
सपा सांसद ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दालमंडी के लोगों को बिना उचित मुआवजा और व्यापारियों को पुनर्स्थापित किए चौड़ीकरण किया जा रहा। ऐसा नहीं होना चाहिए। विरोध करने वालों में पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल, अब्दुल समद अंसारी, चंदौली के जिलाध्यक्ष सत्यनारायन राजभर, जिला प्रवक्ता संतोष यादव, नफीस अहमद, गुलसेर मौजूद रहे।