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वाराणसी में कार्रवाई: सिटी कमांड कंट्रोल के कैमरों ने 365 दिन में काटे दो लाख चालान, जेब्रा कॉसिंग बना शोपीस

Thu, 06 Nov 2025 11:30 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में सिटी कमांड कंट्रोल के कैमरों ने 365 दिन में दो लाख चालान काटे हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ये चालान काटे गए हैं। सबसे ज्यादा कार्रवाई रथयात्रा, सिगरा और मलदहिया चौराहे पर की गई है। 
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रथयात्रा से गुजरते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर के कैमरों ने एक साल में दो लाख चालान काटे हैं। तीन सवारी, गलत पार्किंग और बिना हेलमेट के चलने वालों की संख्या ज्यादा है। जेब्रा लाइन और सिग्नल जंप करने के मामलों में कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई जीरो है। जबकि जेब्रा लाइन पर वाहन खड़े होते हैं और रेड सिग्नल पर नियम तोड़े जाते हैं। ये सब मौजूद ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में होता है। 

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सिटी कमांड कंट्रोल के कैमरों ने सबसे ज्यादा कार्रवाई रथयात्रा, सिगरा और मलदहिया चौराहे पर की है। इन चौराहों पर नियमों को तोड़ने वाले सीधे कैमरे की जद में होते हैं। कुछ स्थान ऐसे हैं जहां घुमाव या मोड़ है वहां वाहन की नंबर प्लेट कैप्चर करने में दिक्कत आती है, जैसे तेलियाबाग, आकाशवाणी तिराहा। शहर में रात 10 बजे के बाद ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ती हैं। 

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मलदहिया और सिगरा चौराहे पर 60 सेकंड में 10 सिग्नल जंप

शहर में ट्रैफिक अनुशासन की पोल खोलते हुए हर मिनट औसतन पांच से दस वाहन सिग्नल जंप करते हैं। जेब्रा लाइन पैदल यात्रियों के लिए होता है, उसका उपयोग वाहन चालक करते हैं। ठीक जेब्रा लाइन पर ही वाहन आकर रुकते हैं। कई जगह से जेब्रा लाइन मिट चुके हैं। पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए बीच सड़क और ट्रैफिक के बीच से ही गुजरना होता है।
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