Varanasi News: साइबर ठगों ने एक छात्र के बैंक खाते का इस्तेमाल कर आठ करोड़ रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया। टेलीग्राम पर कमीशन कमाने के लालच में छात्र ने ‘एसी पे’ एप का इस्तेमाल किया था।
साइबर अपराधियों ने लखनऊ में पढ़ाई करने वाले एक छात्र के बैंक खाते का इस्तेमाल कर आठ करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की। मामले में आरोपी छात्र अनुराग मौर्य के खिलाफ आदमपुर थाने में रविवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। छात्र के बैंक खाते के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में 8 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की गई। टेलीग्राम पर कमीशन कमाने के लालच में छात्र ने ‘एसी पे’ एप का इस्तेमाल किया था। आरोपी सारनाथ थाना क्षेत्र के सरायमोहना कोटवा डोमनपुर का निवासी है।
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डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि एक बैंक खाते की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर जांच शुरू की गई। कुल 8 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। इनमें 7 करोड़ 6 लाख रुपये और 1 करोड़ 25 लाख रुपये की दो बड़ी धोखाधड़ी शामिल थीं।
पूछताछ में खाताधारक अनुराग मौर्य ने पुलिस को बताया कि उसने टेलीग्राम पर रुपये भेजने से संबंधित एक विज्ञापन देखकर कमीशन कमाने के लालच में ‘एसी पे’ एप का इस्तेमाल शुरू किया था। जांच में सामने आया कि इतनी बड़ी रकम के अवैध लेनदेन के बावजूद अनुराग ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। इससे स्पष्ट हुआ कि उसने अनुचित लाभ के लालच में अपने बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगों को करने दिया।
डीसीपी काशी के अनुसार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते के खिलाफ तीन शिकायतें दर्ज थीं। पहली शिकायत में 37,306 रुपये की ठगी का मामला सामने आया। दूसरी शिकायत में 7 करोड़ 6 लाख रुपये और तीसरी शिकायत में 1 करोड़ 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी दर्ज की गई।